26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

GSEB : कमजोर स्कूलों के नतीजे सुधारेंगे बड़े स्कूल

तीस प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों का जिम्मा अन्य स्कूलों को
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सूरत

•

image

Divyesh Kumar Sondarva

•

Updated: 24 Jul 2018, 7:29 PM IST

surat

GSEB : कमजोर स्कूलों के नतीजे सुधारेंगे बड़े स्कूल

सूरत.

गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में 30 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों के परिणाम सुधारने के लिए पहल करते हुए ऐसे स्कूलों का जिम्मा अन्य स्कूलों के सौंपा गया है। कमजोर परिणाम वाले स्कूल को उस स्कूल के निर्देशानुसार काम करना होगा, जिसने उसे गोद लिया है।
गुजरात बोर्ड की मार्च में हुई एसएससी और एचएचसी परीक्षाओं का परिणाम मई में जारी किया गया था। राज्य के कई स्कूलों का परिणाम 30 प्रतिशत से कम रहा। ऐसे स्कूलों का परिणाम सुधारने के लिए गुजरात बोर्ड ने पहल की है। इन स्कूलों का परिणाम सुधारने के लिए आसपास के बड़े स्कूलों को उनका जिम्मा सौंपा गया है। कम परिणाम वाले स्कूलों को आदेश दिया गया है कि वह उन्हें गोद लेने वाले स्कूलों के निर्देशों का पालन करें। साथ ही गोद लेने वाले स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इसके लिए प्राचार्य और शिक्षकों को प्रशिक्षण दें। राज्य के सभी जिलों में यह फार्मूला लागू किया गया है। तीस प्रतिशत से कम परिणाम वाले सूरत जिले के कई स्कूलों को अन्य स्कूलों को सौंप दिया गया है। ऐसे स्कूलों की सूची जिला शिक्षा अधिकारी की वेबसाइट पर जारी की गई है। एसएससी में सूरत जिले में 14 स्कूलों का परिणाम 30 प्रतिशत से कम रहा था और राज्य के 1012 स्कूलों का परिणाम 30 प्रतिशत से कम था। एचएससी कॉमर्स और एचएससी साइंस में भी कई स्कूलों का परिणाम 30 प्रतिशत से कम रहा था।

10वीं में 30 प्रतिशत से कम नतीजे वाले स्कूल
- 2017 2018
राज्य ९७१ १०१२
सूरत ४३ १४
भरुच १८ १३
डांग १० ०४
नर्मदा ४१ १२
नवसारी १६ ०४
तापी ०२ ०८
वलसाड ०७ ३७
दमन १७ 00

एक लाख 43 हजार 53 विद्यार्थी फेल

गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कॉमर्स में ज्यादातर विद्यार्थियों की उम्मीदों पर अंग्रेजी विषय ने पानी फेर दिया। अंग्रेजी विषय में इस साल सर्वाधिक एक लाख 43 हजार 53 विद्यार्थी फेल हुए हैं। इस विषय का परिणाम 64.53 प्रतिशत रहा। इसके बाद सांख्यिकी में 47,815 तो एकाउंट विषय में 42,749 विद्यार्थी फेल हो गए। कॉमर्स विषय में 22,554 विद्यार्थी फेल हुए हैं।

बड़ी खबरें

View All

सूरत

गुजरात

ट्रेंडिंग