
प्रदीप मिश्रा
सूरत
देश-विदेश में कपड़ों में नए क्रिएशन के लिए प्रख्यात सूरत शहर की इज्जत को जूता चोर बट्टा लगा रहे हैं। सालाना 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के टर्नओवर वाले कपड़ा बाजार में प्रतिदिन डेढ़ लाख रुपए से अधिक के ब्रांडेड जूते चोरी हो जाते हैं। बाजार के आसपास के इलाकों में ही इन्हें ओने-पौने भाव में बेच दिया जाता है।
सूरत के कपड़ा बाजार में देश के हर कोने से व्यापारी आते हैं, जो दलाल के माध्यम से साड़़ी और ड्रेस खरीदते हैं। इधर दुकानदार और ग्राहक खरीद में व्यस्त रहते हैं, उधर उनका जूता पार हो जाता है। कपड़ा बाजार के ज्यादातर मार्केट में यह समस्या है। प्रतिदिन 1०0 ब्रांडेड जोड़े जूते चोरी हो जाते हैं। इससे अन्य राज्यों से आने वालों व्यापारियों में सूरत कपड़ा मार्केट की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि कपड़ा बाजार में जूते चोरी करने वालों की 10 से अधिक गैंग सक्रिय हैं। प्रत्येक गैंग में 15 से 25 साल के 5-6 युवा हैं। इनमें लड़कियां भी शामिल हैं। इनकी नजर सिर्फ ब्रांडेड और नए जूतों पर रहती है। गैंग के लोग मार्केट के मुख्य दरवाजे से ही ब्रांडेड और नए जूते पहनकर प्रवेश करने वालों का पीछा करने लगते हैं। वह जिस दुकान में जाते हैं, उसके इर्द-गिर्द खड़े हो जाते हैं। जैसे ही दुकान के अंदर व्यापारी व्यस्त हुआ, वह जूते चोरी कर फरार हो जाते हैं।
चोरी के नए-नए तरीके
जूता चोरी करने वाले नए-नए ढंग से चोरी को अंजाम देते हैं। हर गैंग का तरीका अलग होता है। कुछ लोग दुकान के आगे रखे जूते को ठोकर मारकर आगे पहुंचा देते हैं, वहां से उनका दूसरा साथी इसी तरह उसे और आगे पहुंचा देता है। इसके अलावा खाली पार्सल का बैग लेकर लड़के पानी पीने या अन्य बहाने से गैलरी में घूमते रहते हैं और जहां भी अच्छा जूता नजर आता है, उसे बैग में रखकर फरार हो जाते हैं। उन्हें पता रहता है कि वह कैमरे में दिख रहे हैं, फिर भी दुस्साहस करते हैं और कुछ दिन तक उस गैलरी में नहीं आते।
व्यापारियों ने बंद किया नए जूते पहनना
कई मार्केट में जूता चोरों के आतंक का आलम यह है कि व्यापारियों ने नए जूते पहनकर आना बंद कर दिया है। उनका कहना है कि नए जूते कुछ ही मिनट में गायब हो जाते हैं, इसलिए हमने नए जूते पहनकर आना बंद कर दिया है।
आस-पास ही बिक्री
व्यापारियों का कहना है कि कपड़ा मार्केट से जूते चोरी करने के बाद उन्हें मार्केट के आसपास ही बेच दिया जाता है। रिंगरोड पर ओवर ब्रिज के नीचे, दिल्ली गेट के करीब और सहारा दरवाजा के पास कई लोग चोरी के जूतों का व्यापार करते हैं। वह महंगे से महंगा जूता 400-500 रुपए में बेच देते हैं।
बढ़ गया आतंक
कपड़ा बाजार में जूता चोरों का आतंक बढ़ गया है। प्रतिदिन मार्केट से 100 से अधिक जोड़ी जूते पार हो जाते हैं। नई-नई तरकीब से जूतों की चोरी को अंजाम दिया जाता है। कई बार अन्य राज्यों के व्यापारियों के जूते भी चोरी हो जाने से मार्केट बदनाम हो रहा है।
मोनू बजाज, व्यापारी
चोरों के कई ढंग
चोरी करने वाले लड़के नए-नए ढंग से आते हैं। कोई खाली पोटला लेकर आता है तो कोई पानी पीने के बहाने दुकान के आगे रुक जाता है। व्यापारी जैसे ही काम में व्यस्त होते हैं, वह चोरी कर फरार हो जाते हैं।
दीनदयाल बंसल, व्यापारी
ब्रांडेड जूतों पर नजर
चोरों की गैंग सिर्फ महंगे और ब्रांडेड जूतों की चोरी करती है। वह इन्हें कम कीमत पर बेच देते हैं। सुबह चोरी हुआ जूता शाम तक मार्केट के आसपास के क्षेत्रों में बिक जाता है।
विवेक गुप्ता, व्यापारी