परिजनों ने हंगामा मचाया तो 108 एम्बुलेंस का स्ट्रेचर उपलब्ध हुआ
सूरत.
केन्द्र और राज्य सरकार गर्भवती महिलाओं को इलाज मुहैया कराने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चला रही हैं, वहीं न्यू सिविल अस्पताल में शुक्रवार को एक गर्भवती महिला को ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल तक चलकर जाना पड़ा। इसके बाद उसके परिजनों ने हंगामा मचाया तो 108 एम्बुलेंस का स्ट्रेचर उपलब्ध हुआ।
पांडेसरा हाउसिंग बोर्ड निवासी गर्भवती निकिता मनीष पांडेय (२१) की शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। उसे 108 एम्बुलेंस से न्यू सिविल अस्पताल लाया गया। एम्बुलेंस इएमटी ने मरीज को गेट के पास ही उतार दिया। परिजन निकिता को लेकर पहली मंजिल पर ओपीडी नं. 20 के बाहर पहुंचे। पहली मंजिल तक जाते-जाते उसका पेट दर्द बढ़ गया तो परिजनों ने ओपीडी के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।
स्ट्रेचर की सुविधा नहीं मिलने पर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की ओर से व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया। बाद में 108 एम्बुलेंस इएमटी पहली मंजिल पर ओपीडी के बाहर पहुंचा और निकिता को स्ट्रेचर पर लेकर एफ-एक वार्ड तक ले जाया गया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद चिकित्सकों में हड़कम्प मच गया। हालांकि सरकारी छुट्टी होने से कोई अधिकारी अस्पताल में मौजूद नहीं था। न्यू सिविल अस्पताल में मेन गेट के बाहर स्ट्रेचर लेकर कर्मचारी तैनात किए जाते हैं, लेकिन वह गेट पर खड़े नहीं होते। अधिकारियों की मिलीभगत से इन्हें दूसरे काम में लगा दिया जाता है।
पैरोल से फरार हुआ था, पकड़ा गया
सूरत. लूट के मामले में गिरफ्तार और पैरोल जम्प कर फरार हुए अभियुक्त को शुक्रवार को क्राइम ब्रांच पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए अभियुक्त का नाम वराछा उमियाधाम रोड सिद्घि विनायक अपार्टमेंट निवासी चिंतन दिनेश सोडागर (23) है। खटोदरा पुलिस ने वर्ष 2016 में उसे लूट के आरोप में गिरफ्तार किया था। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद वह 14 जुलाई, 2016 को 11 दिन के पैरोल पर रिहा हुआ था। 25 जुलाई, 2016 को उसे जेल में हाजिर होना था, लेकिन वह फरार हो गया। शुक्रवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसे वराछा मिनी बाजार से पकड़ लिया गया। पूछताछ में पता चला कि वह सुरेन्द्रनगर में दर्ज मारपीट के एक मामले में भी वांछित है।