सरगुजा

मैनपाट में पीलिया से 5 मौत की आशंका, गांवों में मचा हड़कंप, जांच में जुटा स्वास्थ्य विभाग

Jaundice Outbreak 2026: अंबिकापुर के मैनपाट क्षेत्र में पीलिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है. क्षेत्र के नर्मदापुर, कुनिया सहित आसपास के कई गांवों में दर्जनों लोग पीलिया से पीड़ित पाए गए हैं।
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Jun 07, 2026
Jaundice Outbreak
मैनपाट में पीलिया से 5 मौत की आशंका (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Jaundice Outbreak: सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड के नर्मदापुर, कुनिया और आसपास के गांवों में पीलिया ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले एक माह से फैले इस संक्रमण की चपेट में आकर अब तक 5 लोगों की मौत होने की सूचना है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल तीन मौतों की ही पीलिया से पुष्टि की है। अन्य मौतों के सही कारणों का पता लगाने के लिए विभाग गहन जांच कर रहा है।

क्षेत्र में बीमारी का प्रसार इतना तीव्र है कि शुरुआती दौर में इसे सामान्य बुखार, सर्दी-खांसी समझकर नजरअंदाज किया गया। लेकिन, जैसे ही मरीजों की हालत बिगड़ने लगी, उन्हें अंबिकापुर और रायपुर के बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ा। वहां हुई जांच में बड़ी संख्या में मरीजों में पीलिया की पुष्टि हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग को इस प्रकोप की जानकारी बहुत देर से मिली, जिस कारण समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए जा सके और स्थिति गंभीर हो गई।

ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह

स्वास्थ्य सेवाओं के संयुक्त संचालक डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित इलाकों में चिकित्सा दल तैनात कर दिया गया है। लोगों को स्वच्छता अपनाने, भोजन को हमेशा गर्म कर खाने और पानी को उबालकर व छानकर ही पीने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

गांवों में लगाए विशेष शिविर

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य अमला सक्रिय हो गया है। प्रभावित गांवों में विशेष मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर ग्रामीणों की जांच की, रक्त के नमूने लिए और 35 अलग-अलग स्थानों से पीने के पानी के सैंपल्स एकत्र किए। राहत की बात यह है कि वर्तमान में नए मरीजों की संख्या में कमी देखी गई है।

बाहरी खानपान बना बड़ा संदेह

पीलिया फैलने के स्रोतों पर बात करते हुए सीएमएचओ प्रेम सिंह मार्को ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संक्रमण दूषित पानी के बजाय 'बाहरी खानपान' से फैलने का अंदेशा जता रहा है। तर्क यह है कि यदि पानी दूषित होता, तो एक ही परिवार के कई सदस्य संक्रमित होते, जबकि अभी हर घर से केवल एक या दो व्यक्ति ही इसकी चपेट में आए हैं। बीमारी के ठोस कारणों का खुलासा पानी और खाने के नमूनों की लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

Updated on:
07 Jun 2026 06:37 am
Published on:
07 Jun 2026 06:37 am