
Kerala Assembly Election 2026: वोटर लिस्ट को लेकर चल रहा SIR का मुद्दा अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग का नया मैदान बन गया है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और SIR को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसके जवाब में बीजेपी नेता सीआर केसवन ने कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के केरल चुनाव के समय दिए गए कथित बयान का हवाला दिया है। केसवन का कहना है कि जिस SIR को लेकर राहुल गांधी सवाल उठा रहे हैं, उसी प्रक्रिया को लेकर केरल में कांग्रेस नेता ने अलग बात कही थी।
सीआर केसवन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 2026 के केरल विधानसभा चुनाव के बाद रमेश चेन्निथला ने SIR की प्रक्रिया की तारीफ की थी। केसवन के मुताबिक, चेन्निथला ने कहा था कि वोटर लिस्ट से फर्जी और गलत नाम हटाने में इस प्रक्रिया से मदद मिली।
केसवन ने इसी बात को राहुल गांधी के मौजूदा आरोपों से जोड़ते हुए सवाल किया है। उनका कहना है कि अगर SIR को लेकर इतनी बड़ी आपत्ति है तो केरल चुनाव के दौरान कांग्रेस के नेता ने इसकी तारीफ क्यों की थी।
राहुल गांधी ने 24 सितंबर को चुनाव आयोग को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने SIR को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि चुनाव में वोट की भूमिका सबसे अहम है और इसे लेकर किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।
राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है। केसवन ने भी इसी कड़ी में चेन्निथला के पुराने बयान का हवाला देते हुए राहुल गांधी से सवाल किया है।
SIR को लेकर विवाद उस समय और बढ़ गया जब एक रिपोर्ट में बताया गया कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई फैसलों और आदेशों को लेकर आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने कम से कम 14 बार सवाल उठाए थे। इन आपत्तियों में वोटर लिस्ट, नए मतदाताओं के फॉर्म, वोटर डेटा और चुनाव आयोग के डिजिटल सिस्टम से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को अंतिम फैसलों में मतभेद मानने से इनकार किया है। आयोग का कहना है कि काम के दौरान सवाल, सुझाव और अलग राय सामने आना सामान्य बात है। आयोग ने साफ कहा कि SIR समेत उसके अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए।
फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। एक तरफ राहुल गांधी और विपक्ष चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी कांग्रेस के पुराने बयानों को सामने रखकर जवाब दे रही है।
यानी आने वाले दिनों में SIR सिर्फ वोटर लिस्ट में नामों की जांच का मुद्दा नहीं रहने वाला, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बड़ी राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रह सकता है।