
कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए चुनाव आयोग के बाहर तैनात पुलिसकर्मी। (फोटो: एएनआई)
Congress Protest Election CommissionSIR Row: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस और विपक्ष के हमले तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने आज देशभर में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया है। दिल्ली में चुनाव आयोग की इमारत के सामने होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है।
कांग्रेस ने एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी देशभर में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन करेगी। दिल्ली में भी चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने कांग्रेस कार्यकर्ता जुटेंगे। वहीं, भारतीय युवा कांग्रेस ने 5 रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
एसआईआर को लेकर विवाद उस रिपोर्ट के बाद और बढ़ गया, जिसमें दावा किया गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दो जूनियर चुनाव आयुक्त उनकी बात से सहमत नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने पिछले 10 महीनों में 14 बार आपत्ति दर्ज की।इन आपत्तियों का संबंध एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों से बताया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सवाल उठाए हैं।
इस मामले में सिटिजंस जस्टिस पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को 78 घंटे के भीतर इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया है। दीपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी एसआईआर विवाद के बीच सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना करते हुए कहा एक प्रधानमंत्री ने जेन-जी को वोट का अधिकार दिया, दूसरे ने उसे छीनने की कोशिश की। जयराम रमेश ने कहा कि दिसंबर 1988 में राजीव गांधी सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 326 में संशोधन किया था। इसके तहत मतदान की न्यूनतम उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल की गई थी।
उन्होंने बताया कि संविधान के 61वें संशोधन अधिनियम, 1988 के तहत यह बदलाव किया गया था। इसके बाद 18 साल की उम्र पूरी करने वाले नागरिकों को मतदान का अधिकार मिला।
Updated on:
25 Sept 2026 10:49 am
Published on:
25 Sept 2026 10:48 am
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