MP News: टीकमगढ़ में गाय के लिए आंदोलन करने वाले किसान रामरतन लोधी ने जहर पी लिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
Farmer Suicides: गाय के लिए आंदोलन करने वाले किसान की जहर पीने के बाद मंगलवार को मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है। टीकमगढ़ के ज्यौरा मौरा ग्राम निवासी यह किसान हर किसी समस्या को लेकर आंदोलन कर चक्काजाम करने के लिए पहचाने जाते थे। यह पूर्व में भी कई समस्याओं को लेकर आंदोलन कर चुके थे। (MP News)
बताया जा रहा है कि एक गाय का एक्सीडेंट हो जाने पर ज्यौरा मौरा निवासी रामरतन लोधी ने वेटनरी के डॉक्टरों को फोन किया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। इस पर उन्होंने खुद ही गाय का उपचार कर वहीं पर धरना शुरु कर दिया था। बताया जा रहा है कि यह कुछ नेताओं का नाम लेकर लगातार आरोप लगा रहे थे।
उसी समय वहां से कुछ लोग गुजरे और इसी बात को लेकर उनका विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि इस मामले में इन लोगों ने रामरतन के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं यह सूचना मिलने पर रामरतन थाने पहुंचे थे। यहां पर भी उनकी बात न सुने जाने पर उन्होंने बाद में जहर पी लिया था।
घटना को लेकर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि 30 अक्टूबर को सूचना मिलते ही राम रतन लोधी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। यहां पर भर्ती कर उपचार किया गया और फिर उन्हें जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ रेफर किया गया था। वहां पर भी कुछ दिन उपचार चला और परिजन वहां से छुट्टी कराकर उन्हें ओरछा तिगेला की एक निजी हॉस्पिटल ले गए थे। यहां पर उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
थाना प्रभीर गुर्जर ने बताया कि किसान के मरणासन्न बयानों के आधार ही जांच की जाएगी। इसमें किसान ने जिन पर आरोप लगाए है, उन लोगों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। मरणासन्न बयानों में किसानों ने किन लोगों पर आरोप लगाए है, पुलिस इसकी जानकारी नहीं दे रही है। पुलिस का कहना है कि यह बयान सार्वजनिक नहीं किए जाते है। (MP News)
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