टीकमगढ़

Orchha News: रामराजा लोक की खुदाई में मिले 2 टावर, ये 15 डिग्री कम रखते हैं तापमान

Orchha News: 500 साल पुराने कूलिंग सिस्टम से ओरछा का राजमहल आज भी 15 डिग्री तक रहता ठंडा, सावन-भादौ टावर देते हैं ठंडक

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May 29, 2024
Ramraja Lok

Orchha News: नौतपा के पहले से तप रहे प्रदेश में कूलर भी जवाब देने लगे हैं। टीकमगढ़ की पहाड़ियां भट्टी जैसी तप रही हैं, लेकिन 500 साल का वास्तु अभी भी शीतलता दे रहा है। बुंदेला राजाओं ने 500 साल पहले ओरछा को राजधानी बनाई तो आधुनिक तरीके से बसाया। गर्मी में राहत के लिए प्राकृतिक एयर कंडीशन कमरे बनाए। खास यह है कि यहां शहर की तुलना में 15 डिग्री तक कम तापमान रहता है।

इसका पता रामराजा लोक के निर्माण के लिए चल रही खुदाई में चला है। राम राजा मंदिर परिसर में सावन-भादौ एयर कूलिंग सिस्टम के टावर हैं। खुदाई में टावर के नीचे आधुनिक कक्ष मिला है। सदियों बाद भी इसकी खूबसूरती बरकरार है। इस कक्ष में नहाने को फाउंटेन हैं। यहां मई में सर्दी का अहसास हो रहा है।

महल में फाउंटेन का जाल

-चंदन के कटोरा बाग में 12 फाउंटेन मिले हैं। यहां टेराकोटा की पाइप लाइन से फव्वारे चलाए जाते थे।

-सावन-भादौ पिलर के नीचे मिले कक्ष में भी फाउंटेन के अंश मिले हैं।

टावर के छेद से हवा नीचे आती और कक्ष में राजा को देती थी शीतलता

पुरातत्व विभाग के क्यूरेटर घनश्याम बाथम ने बताया, सावन-भादौ टावर की तरह ही राजमहल की संरचना है। यहां 25 फीट ऊंचे टावर से महल के अंदर हवा आती थी। राजा के कक्ष में यह सुविधा है। इन टावर में चारों ओर छेद हैं। इससे किसी भी दिशा से हवा चलने पर हवा टावर के नीचे आती है।

ईरान की संरचना

पर्यटन विभाग के उपयंत्री पीयूष वाजपेयी ने कहा, ईरान में बहुत गर्मी रहती है। नरेश वीरसिंह जूदेव के मुगलों से अच्छे संबंध थे। मुगल ईरान से आए थे, इसलिए यहां गर्मी से बचने के लिए सावन-भादौ टावर जैसी तकनीक आई।

Updated on:
29 May 2024 02:47 pm
Published on:
29 May 2024 12:53 pm
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