टीकमगढ़ शहर के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से नगरपालिका द्वारा बनाए गए पार्क आज खुद बदहाली का शिकार हो गए है। बच्चों के खेलने के लिए बनाए गए तीन प्रमुख पार्क श्रीरावतपुरा सरकार पार्क, चिल्ड्रन पार्क और अटल पार्क, इन दिनों अव्यवस्था और लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहे है। पार्कों में लगी अधिकांश खेल सामग्री […]
टीकमगढ़ शहर के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से नगरपालिका द्वारा बनाए गए पार्क आज खुद बदहाली का शिकार हो गए है। बच्चों के खेलने के लिए बनाए गए तीन प्रमुख पार्क श्रीरावतपुरा सरकार पार्क, चिल्ड्रन पार्क और अटल पार्क, इन दिनों अव्यवस्था और लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहे है। पार्कों में लगी अधिकांश खेल सामग्री या तो टूट चुकी है या रस्सियों और सांकल से बांधकर छोड़ दी गई है। जिससे बच्चों को छुट्टियों में खेलने का अवसर नहीं मिल सका।
कुंडेश्वर रोड स्थित श्रीरावतपुरा सरकार पार्क में दो स्थानों पर बच्चों के लिए झूल, कुर्सियां व अन्य खेल सामग्री लगाई गई थी, लेकिन इनमें से कई झूले गायब हो चुके है। जो सामग्री बची है, वह भी रस्सियों से बांध दी गई है। कुछ उपकरण ऐसे हाल में पड़े है, जो किसी भी समय हादसे को न्योता दे सकते है। स्थानीय लोगों ने कई बार बच्चों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर शिकायतें की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ताल दरवाजा के सामने बने पार्क में बच्चों के लिए लगाए गए झूले और कुर्सियां पिछले चार वर्षों से खराब पड़े है। नगर पालिका कर्मचारियों ने मरम्मत कराने के बजाय इन्हें रस्सियों से बांध दिया। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों द्वारा कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
टूटे झूले, उखड़ी सीटें और नुकीले लोहे के हिस्से दिखाई देने के कारण क्षेत्र के अधिकांश लोगों ने अपने बच्चों को पार्क लाना ही बंद कर दिया है। कभी इस इलाके का यह पार्क बच्चों और परिवारों के लिए पसंदीदा स्थान हुआ करता था, लेकिन देखरेख के अभाव में अब यहां सन्नाटा पसरा रहता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते पार्कों की मरम्मत और रखरखाव नहीं किया गया। तो बच्चों की सुरक्षा के साथ साथ नगर की छवि भी प्रभावित होगी।
इन पार्कों के सुधार के लिए टेंडर लग गए और दर भी स्वीकृत हो गई। सबसे पहले बच्चों वाले पार्कों का सुधार कार्य कराया जाएगा।