
CM Vijay 'Jana Nayagan' makers to refund money amid CBFC: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय अभिनीत फिल्म 'जन नायकन' इन दिनों गहरे संकट में फंसी हुई है। जो फिल्म इस साल जनवरी में पोंगल के शुभ अवसर पर थिएटरों में दस्तक देने वाली थी, वो छह महीने बीत जाने के बाद भी CBFC के दफ्तर में ही अटकी हुई है। सर्टिफिकेट मिलने की कोई तय तारीख नहीं, रिलीज का कोई भरोसा नहीं और इस बीच निर्माताओं पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
अब ऐसी खबर है कि खुद एक्टर और सीएम विजय ने प्रोडक्शन हाउस KVN प्रोडक्शंस को निर्देश दिया है कि जिन वितरकों ने फिल्म की रिलीज के लिए अग्रिम भुगतान किया था, उन्हें उनका पैसा वापस किया जाए। KVN प्रोडक्शंस के बिजनेस हेड मोहन सुप्रीथ ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि वितरकों को अनिश्चितता में छोड़ना उचित नहीं होता, इसलिए ये फैसला लिया।
इतना ही नहीं, फिल्म की अचानक और अनिश्चित देरी ने पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया। जब जनवरी में आखिरी समय पर रिलीज टाली गई, तो वितरकों को एडवांस बुकिंग के करोड़ों रुपये दर्शकों को लौटाने पड़े। ट्रेड एक्सपर्ट का अनुमान था कि अकेले तमिलनाडु में ये फिल्म डेढ़ से दो सौ करोड़ रुपये की कमाई कर सकती थी। उनके अनुसार, इस देरी से बॉक्स ऑफिस को करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
मद्रास हाई कोर्ट में निर्माताओं की ओर से ये भी बताया गया था कि फिल्म से जुड़े करीब 500 करोड़ रुपये दांव पर लगे हैं। 5000 से अधिक स्क्रीन पर दुनिया भर में एक साथ रिलीज की योजना थी। बता दें, डिजिटल अधिकार भी एक बड़े OTT प्लेटफॉर्म को 120 करोड़ रुपये में बेचे गए थे, लेकिन फिल्म में देरी के चलते उस प्लेटफॉर्म ने भी कैंसिल करने की चेतावनी दे दी।
इतनी परेशानियों के बीच अप्रैल में फिल्म का HD प्रिंट इंटरनेट पर लीक हो गया, जिससे निर्माताओं को एक और बड़ा झटका लगा। पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। लीक के बाद थिएटर रिलीज से होने वाली संभावित कमाई पर भी सवालिया निशान लग गया है।
दरअसल, फिल्म के निर्देशक एच. विनोथ से जब पूछा गया कि फिल्म कब रिलीज होगी, तो उनका जवाब था कि ये उनके हाथ में नहीं है और जो सच्चाई है वो बता भी नहीं सकते। इसके साथ ही, निर्माता वेंकट के. नारायण ने भी मई में एक्सेप्ट किया था कि फिल्म को अभी तक CBFC से कोई सर्टिफिकेट नहीं मिला है। फिलहाल 'जन नायकन' का भविष्य पूरी तरह CBFC के फैसले पर टिका है।