
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में प्रोफ़ेसर डॉक्टर एसवीएस देव कहते हैं कि पिछले दस से पंद्रह साल में युवा महिलाओं में कैंसर के मामले ज़्यादा सामने आ रहे हैं। वो बताते हैं, ''युवा महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में वे महिलाएं शामिल हैं जिनकी उम्र 40 साल से कम हैं। इनमे सबसे कम उम्र की महिलाएं 20 से 30 साल की हैं जिनमें कैंसर पाया जाता है।'' आम महिलाओं के साथ न जानें कितनी बॉलीवुड एक्ट्रेसेस ऐसी हैं, जो इस बीमारी के दर्द से गुजरी चुकी हैं. सोनाली बेंद्रे, मनीषा कोइराला, लीजा रे जैसी तमाम एक्ट्रेस ने इस बीमारी को मात देकर बड़ी जीत हासिल की है। अब इस लिस्ट में साउथ एक्ट्रेस हमसा नंदिनी का नाम भी शामिल हो गया है।
साउथ फिल्मों की जानी-मानी ऐक्ट्रेस हमसा नंदिनी (Hamsa Nandini) को लेकर एक ऐसी खबर आई है, जिससे फैंस दुखी हैं। हंसा को लोगों ने तमाम फिल्मों में बेहतरीन गानों पर नाचते थिरकते देखा। उनकी अपनी जिंदगी भी बहुत खुशगवार तरीके से चल रही थी लेकिन फिर एक दिन उनके जीवन को हिला देने वाली एक जानकारी उन्हें उनके डॉक्टर से मिली। उन्हें कैंसर हो गया था।
दरहसल हमसा नंदिनी कुछ समय पहले ही 37वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही थी किसे पता था जो एक्ट्रेस हंसी खुशी अपना जन्मदिन मना रही है। वह अंदर ही अंदर किस बीमारी से जंग लड़ रही थी। अपको बता हमसा नंदनी ने सोमवार सुबह ही अपने इंस्टाग्राम पर एक हैरान कर देने वाला पोस्ट साझा किया है। हमसा नंदिनी कैंसर के तीसरे स्टेज पर हैं। ये बात जानने के बाद कोई भी घबरा जाये। पर हमसा ने घबराने के बजाये अपने फैंस के साथ स्ट्रांग पोस्ट शेयर किया है। हमसा नंदिनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बाल्ड लुक में अपनी कुछ ब्लैक एंड वाइट तस्वीरें शेयर की हैं। साथ में हमसा नंदिनी ने एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने बताया है कि आखिर कब उन्हें ब्रेस्ट कैंसर के बारे में पता चला था। 18 साल पहले हमसा नंदिनी की मां का निधन भी ब्रेस्ट कैंसर के कारण हो गया था। तब से वो एक डर के साये में जी रही थीं। एक्ट्रेस का डर उस वक्त सच साबित हुआ। जब मेडिकल जांच में उनके ब्रेस्ट कैंसर की बात सामने आई।
हंसा नंदिनी बताती हैं, ‘4 महीने पहले एक सुबह मुझे अपनी छाती में एक गांठ महसूस हुई। मैंने अपना मां को कैंसर की वजह से खो दिया था। मेरे सामने वह पूरा परिदृश्य फिल्म की रील की तरह घूम गया। मैं अपने पहले मैमोग्राम के लिए एक मैमोग्राफी सेंटर पहुंचीं। मेरा डर सच साबित हुआ और मुझे मुझे ग्रेड थ्री इनवेसिव कार्सिनोमा (स्तन कैंसर) का पता चला था। मेरी मां ने इसी कैंसर से लंबी लड़ाई लड़ी थी। मुझे इस जानकारी से आघात तो लगा लेकिन मैंने सकारात्मक रहकर इससे लड़ने का फैसला किया।
'ढेरों स्कैन और टेस्ट के बाद मैं पूरी हिम्मत के साथ ऑपरेशन थिअटर में गई, जहां गांठ निकाल दी गई। उस वक्त डॉक्टरों ने कन्फर्म किया कि कैंसर शरीर में कहीं और नहीं फैला है और मैंने उसे जल्दी पहचान लिया। लेकिन यह राहत कुछ ही देर की थी क्योंकि मैं Hereditary Breast Cancer के लिए पॉजिटिव पाई गई। इसका मतलब यह है कि मेरे शरीर में जेनेटिक म्यूटेशन है, जो इस बात की गारंटी है कि लाइफ में मुझे दूसरा ब्रेस्ट कैंसर होने के 70 फीसदी और ओवेरियन कैंसर होने के 45 फीसदी चांस हैं। इससे बचने का एकमात्र रास्ता है prophylactic surgeries, जो मुझे करानी होंगी। अभी तक मेरी कीमोथैरपी की 9 साइकल पूरी हो चुकी हैं। 7 और बाकी हैं।'
हंसा आगे कहती हैं, ‘मैं लोगों को समय रहते इस बीमारी का पता लगाने, इसे समझने और इसे एकजुट तरीके से निपटने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती हूं। मैं एक ऐसा वातावरण बनाना चाहती हूं जहां पर इस तरह की बातों की सही जानकारी मुहैया कराई जा सके और लोग अपने डर पर काबू पा सके। विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए जो या तो जागरूक नहीं हैं या उनके पास महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाएं नही हैं। मुझे एहसास हुआ कि मैं एक ऐसी चीज से गुजर रही हूं, जिससे कई महिलाएं पहले भी गुजर चुकी हैं। जोखिम वाली महिलाओं के लिए 'इसे' जानना और उनके विकल्पों को जानना बहुत जरूरी है।’