ग्राम पंचायत सहायकों ( Gram Panchayat assistants in tonk ) को मौखिक आदेश पर ही हटा दिया गया। इससे उनमें नाराजगी है।
टोंक
जिले की 230 ग्राम पंचायतों में लगे 690 ग्राम पंचायत सहायकों ( gram panchayat assistants in tonk ) को मौखिक आदेश पर ही हटा दिया गया। इससे उनमें नाराजगी है। उन्होंने सेवाकाल बढ़ाने तथा नियमित करने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर ( Tonk news ) को ज्ञापन सौंपा।
ये ज्ञापन राजस्थान ग्राम पंचायत सहायक संघ के बैनर तले सौंपा गया। इसमें जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष देवलाल गुर्जर, रामबाबू शर्मा, रामजीलाल, रामदयाल यादव, गजेन्द्र, मणिशंकर, जगदीश आदि ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सहायक लगाए गए थे। गत दिनों जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने मौखिक आदेश जारी किए और पंचायतों में लगे ग्राम पंचायत सहायकों को हटा दिया जाए। इस पर ग्राम पंचायत सरपंच तथा ग्राम विकास अधिकारी ने उन्हें कार्य मुक्त कर दिया। जबकि इसके लिए लिखित आदेश जारी किए जाने चाहिए थे।
उन्होंने विद्यालय सहायक भर्ती 2015 को पूरा करने, ग्राम पंचायत सहायकों का सेवाकाल बढ़ाने, पद सुरक्षित करने, चुनावी घोषणा पत्र के अनुसान नियमित करने, समान काम समान वेतन देने आदि की मांग की है। इसके बाद वे जिला परिषद कार्यालय चले गए। जहां धरना दिया। साथ ही रामधुनी भी की।
इधर, राशन वितरण को लेकर हुआ प्रदर्शन
बरवास. कस्बे के पास स्थित गेदिया गांव में रविवार को गेदिया, कालानाड़ा, बंछेडिया गांव के लोगों ने राशन वितरण Ration distribution दुकान के सामने प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि राशन डीलर Ration dealer ने हमारे फिंगर प्रिंट तो ले लिए, लेकिन मार्च, अप्रेल, मई, जून का गेहूं व केरोसिन नहीं दिया। इस कारण ग्रामीण खाद्या सुरक्षा योजना food security scheme से वंचित हो रहे है। विभाग से इस सन्दर्भ में पहले भी शिकायत की गई। इसमें जांच के बाद राशन डीलर का निलम्बन तो कर दिया गया, लेकिन खाद्यान सामग्री दिलाने की कार्रवाई नहीं हुई।
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