
Tonk Gold Loan Fraud: टोंक। नकली सोने की चूड़ियां गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेने वाले गिरोह का टोंक पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर दो कारें और सोने जैसी धातु से बनी आठ चूड़ियां बरामद की है। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य पहले से गोल्ड लोन की जानकारी रखने वाले व्यक्ति को लालच देकर अपने साथ मिलाते थे और मेरठ उत्तरप्रदेश से गोल्ड प्लेटेड चूड़ियां मंगवाकर उन्हें असली सोना बताकर अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों से लाखों रुपए का लोन लेते थे।
कोतवाली थाना प्रभारी भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि केप्री ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड टोंक के बैंक मैनेजर अमन विजयवर्गीय ने शुक्रवार को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक गत 6 अगस्त को लाम्बा चमनपुरा निवासी अंकित शर्मा ब्रांच में आया और चार सोने की चूड़ियाें पर लोन मांगा। बैंक कर्मचारियों ने नियमानुसार टच स्टोन विधि से चूड़ियाें की जांच की। इसके बाद एक चूड़ी पर कट लगाकर जांच की गई, जो सही प्रतीत हुई। अंकित के यह कहने पर कि बैंक मैनेजर ने भरोसा कर चारों चूड़ियाें पर 4.39 लाख रुपए का गोल्ड लोन स्वीकृत कर दिया।
पुलिस ने मामले में आरोपी खानवा तहसील रूपबास जिला भरतपुर हाल जयपुर निवासी अजहरुद्दीन पुत्र अल्लानूर, सैदरिया थाना माधोराजपुरा जिला जयपुर ग्रामीण हाल सागांनेर निवासी भंवर सिंह पुत्र चैन सिंह, रामपुरा सांगानेर निवासी दीपक शर्मा पुत्र चौथमल शर्मा, उनियारा हाल मुहाना मोड़ सांगानेर निवासी सिकन्दर कुमावत पुत्र महेश कुमावत, गाजियाबाद निवासी शहजाद पुत्र शमशाद, माधोराजपुरा जिला जयपुर ग्रामीण हाल दुर्गापुरा जयपुर निवासी भंवरलाल खारोल पुत्र कानाराम और लाम्बा चमनपुरा थाना मेहंदवास हाल छावनी टोंक निवासाी अंकित शर्मा पुत्र रामेश्वर शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार सुबह अंकित शर्मा दोबारा ब्रांच पहुंचा और फिर गोल्ड लोन लेने की बात कही। उसने अपने परिचित अजहरुद्दीन निवासी भरतपुर, भंवर सिंह व दीपक शर्मा निवासी जयपुर, सिकन्दर कुमावत निवासी उनियारा, शहजाद निवासी गाजियाबाद और भंवरलाल खारोल निवासी जयपुर के नाम बताए और कहा कि उनके पास भी सोने की चूड़ियां है। बैंक मैनेजर को इस पर शक हुआ और उन्होंने चुपचाप पुलिस को सूचना दी। पुलिस के ब्रांच पहुंचने पर अंकित घबरा गया और बैंक मैनेजर से पुलिस को कोई जानकारी नहीं देने की बात कहते हुए पूरा मामला बताने का प्रयास किया। इसके बाद बैंक कर्मचारियों ने पहले गिरवी रखी चूड़ियाें की दोबारा गहन जांच की। शेष तीन पर कट लगाकर जांच करने पर वे नकली पाई गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनियों की कार्यप्रणाली की जानकारी रखने वाले लोगों को तलाशते थे। उन्हें लालच देकर गिरोह में शामिल किया जाता था। इसके बाद मेरठ उत्तरप्रदेश से ऐसी चूड़ियां मंगवाई जाती थी, जिन पर सोने की परत चढ़ी होती थी। लोन की रकम मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति को उसका हिस्सा देकर बाकी रकम लेकर आरोपी फरार हो जाते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह की वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार 27 जुलाई को मुथूट फाइनेंस प्रतापनगर जयपुर से 2.34 लाख, मणप्पुरम गोल्ड लोन विजयपथ मानसरोवर जयपुर से 1.95 लाख, 30 जुलाई व इसी शाखा से दो चूड़ियां गिरवी रखकर फिर 2.04 लाख, मणप्पुरम गोल्ड लोन टोंक से 4.10 लाख रुपए, आइसीआइसीआइ बैंक हिंडौन सिटी में 3.60 लाख तथा मणप्पुरम गोल्ड दिलशाद कॉलोनी शाहदरा दिल्ली से 1.99 लाख रुपए रुपए का लोन लिया था।