टोंक

Rajasthan Politics : भाजपा के सम्मेलन में ‘कट्टर समर्थक’ का हंगामा, मंत्री के सामने विरोध से मचा हड़कंप

टोंक में भाजपा के प्रबुद्धजन सम्मेलन में देवगंज के ग्रामीण रामस्वरूप जाट ने सड़क और मनरेगा भ्रष्टाचार को लेकर किया हंगामा। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने बताया सुर्खियों में रहने का तरीका।

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Jun 21, 2026
BJP Prabuddhajan Sammelan Tonk Ramswarup Jat Protest Minister Kanhaiyalal Choudhary
BJP Prabuddhajan Sammelan Tonk PIC

राजस्थान के टोंक जिला मुख्यालय पर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित 'विकसित भारत प्रबुद्धजन सम्मेलन' में उस समय अप्रत्याशित स्थिति पैदा हो गई, जब एक स्थानीय शख्स ने मंच के ठीक सामने खड़े होकर विकास कार्यों में ढिलाई और निचले स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। यह घटना उस समय घटी जब मंच पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री मिथलेश गौतम प्रबुद्ध वर्ग को संबोधित कर रहे थे और मंच पर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी सहित जिले के कई नेता अग्रिम पंक्ति में मौजूद थे। विरोध करने वाले व्यक्ति की पहचान देवगंज निवासी रामस्वरूप जाट के रूप में हुई है, जिसने भरी सभा में चिल्लाते हुए आरोप लगाया कि उसके गांव को लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से अलग रखा गया है। अचानक हुए इस हंगामे के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और सुरक्षा में तैनात पदाधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित ग्रामीण को मुख्य दीर्घा से बाहर निकालकर एक बंद कमरे में ले गए, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उसकी लिखित शिकायतों को प्राप्त कर मामले पर लंबी चर्चा की।

आजादी के बाद से आज तक सड़क का निर्माण नहीं

सम्मेलन कक्ष से बाहर निकाले जाने के बाद स्थानीय मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रामस्वरूप जाट ने अपनी पीड़ा खुलकर व्यक्त की। उसने बताया कि उसका पूरा गांव पीढ़ियों से परंपरागत रूप से भारतीय जनता पार्टी का कट्टर समर्थक रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर उनके साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया जाता रहा है।

रामस्वरूप के अनुसार, देश की आजादी के बाद से लेकर आज तक उनके गांव देवगंज में एक पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है, जिसके कारण बारिश के दिनों में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

रामस्वरूप इस बुनियादी मांग को लेकर पिछले 3 साल से लगातार ब्लॉक और जिला स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही हाथ लगते हैं, जिसके कारण विवश होकर उसे सत्ताधारी दल के इस बड़े सार्वजनिक मंच पर आकर अपनी आवाज उठानी पड़ी।

3 जांचों में भ्रष्टाचार साबित होने के बाद भी एक्शन नहीं

सड़क निर्माण के अलावा इस पूरे हंगामे का दूसरा सबसे बड़ा और तकनीकी पहलू ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अंतर्गत मनरेगा (MNREGA) योजना में हुए भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। रामस्वरूप जाट ने सीधे तौर पर टोंक पंचायत समिति की विकास अधिकारी (VDO) की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है।

रामस्वरूप ने सनसनीखेज और तथ्यात्मक आरोप लगाते हुए कहा, ''पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान देवगंज ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों और मस्टरोल में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया था। इस कथित घपले की शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर कुल 3 बार अलग-अलग उच्च स्तरीय जांच कमेटियों का गठन किया गया था।

इन तीनों ही आधिकारिक जांच रिपोर्टों में मनरेगा के कार्यों में भारी वित्तीय गड़बड़ी और भ्रष्टाचार होने की पुष्टि पूरी तरह से साबित हो चुकी है।

आरोप है कि जांच में दोष सिद्ध हो जाने के बावजूद पंचायत समिति टोंक की विकास अधिकारी (VDO) दोषी अधिकारियों और दलालों के खिलाफ कोई भी कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई अमल में नहीं ला रही हैं। इसके साथ ही तत्कालीन जिला कलेक्टर ने भी इस संवेदनशील मामले में कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया, जिससे प्रशासनिक शह मिलने का अंदेशा गहरा जाता है।

यह केवल सुर्खियों में रहने का जरिया : जलदाय मंत्री

भाजपा के इस महत्वपूर्ण प्रबुद्धजन सम्मेलन में हुए इतने बड़े हंगामे और मनरेगा भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जब मीडिया ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और क्षेत्रीय जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी से तीखे सवाल पूछे, तो उन्होंने इस पूरे मामले को बहुत अधिक तवज्जो न देते हुए एक सपाट बयान जारी किया।

मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने मीडिया के सामने कहा, "इस तरह के कार्यक्रमों में आकर अचानक विरोध दर्ज कराना कुछ लोगों के लिए केवल और केवल सुर्खियों में बने रहने का एक आसान तरीका है। युवक मूल रूप से अपने क्षेत्र में सड़क का निर्माण न होने से व्यक्तिगत तौर पर नाराज है, जिसे समझा लिया गया है।"

दिसंबर 2025 में भी कर चुका है हंगामा

टोंक के प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, रामस्वरूप जाट द्वारा मंत्रियों के कार्यक्रमों में आकर इस तरह का तीखा विरोध दर्ज कराने का यह कोई पहला मामला नहीं है। वह इससे पहले भी राज्य सरकार के मंत्रियों के सामने अपनी इस क्षेत्रीय मांग को लेकर बेबाकी से पहुंच चुका है।

विगत वर्ष दिसंबर 2025 में जब राजस्थान के कैबिनेट शिक्षा मंत्री मदन दिलावर टोंक जिले के एक आधिकारिक दौरे पर आए थे, तब भी रामस्वरूप जाट ने उनके मुख्य कार्यक्रम के बीच में घुसकर देवगंज सड़क निर्माण और मनरेगा घपले की फाइलों को लेकर भारी हंगामा खड़ा किया था। उस समय भी प्रशासन ने उसे जल्द कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया था, लेकिन 2026 के मध्य तक भी जब धरातल पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ, तो उसने दोबारा जलदाय मंत्री के इस प्रबुद्धजन सम्मेलन को अपनी बात रखने का जरिया बनाया।

विकसित भारत के निर्माण में प्रबुद्ध वर्ग की भूमिका

इस छिटपुट हंगामे के शांत होने के बाद 'विकसित भारत प्रबुद्धजन सम्मेलन' की कार्यवाही को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत संपूर्ण विश्व पटल पर एक नई और मजबूत आर्थिक व सामरिक पहचान स्थापित कर रहा है।

मुख्य अतिथि जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि यह समय पूरी तरह से देश के गरीबों के कल्याण, सुशासन, सुरक्षा और बुनियादी विकास को समर्पित रहा है। वहीं भाजपा प्रदेश महामंत्री मिथलेश गौतम और पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने भी समाज के डॉक्टरों, इंजीनियरों, वकीलों और प्रबुद्ध नागरिकों से आह्वान किया कि वे विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए ग्रामीण स्तर पर सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश माहूर सहित भारी संख्या में टोंक जिले के गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Updated on:
21 Jun 2026 09:56 am
Published on:
21 Jun 2026 09:55 am