टोंक

कैंसर रोगियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, अब राजस्थान के इस जिले में भी मिलेगा उपचार और कीमोथेरेपी

Rajasthan News: राजस्थान के कैंसर मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। टोंक जिले के सआदत अस्पताल में अब कैंसर वार्ड और कीमोथेरेपी की सुविधा शुरू हो गई है। इससे मरीजों को इलाज के लिए जयपुर या अन्य शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

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Feb 18, 2026
टोंक के सआदत अस्पताल में कैंसर वार्ड का उद्घाटन करते भाजपा जिलाध्यक्ष (फोटो: पत्रिका)

Cancer Treatment In Tonk: टोंक के सआदत अस्पताल में मंगलवार को दस बैड का कैंसर वार्ड शुरू किया गया है। मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने रिबन काटकर वार्ड का उद्घाटन किया। जिलाध्यक्ष चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लोगों की जनभावना को ध्यान में रखते हुए टोंक के कैंसर पीडि़तों को कैंसर का वार्ड खोलकर मरीजों को बड़ी राहत दी है।

इससे मरीजों और अटेंडेंट को सहुलियत मिलने के साथ ही समय की भी बचत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के हर वर्ग के लिए काम कर रहे है। उनका मेडिकल क्षेत्र में नि:शुल्क इलाज का ध्येय है। सआदत अस्पताल के पीएमओ डॉ. हनुमान प्रसाद बैरवा ने बताया कि इस वार्ड के खुलने से कैंसर के मरीजों को पहले कीमोथेरेपी और अन्य सुविधाओं के लिए जयपुर समेत अन्य शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ता था।

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अब उन्हें यहां जल्द और कम दूरी पर इलाज मिल सकेगा। पीएमओ ने बताया कि सआदत अस्पताल में कैंसर के तीन चिकित्सक है, जिनकी सेवा मरीजों को मिलेगी। कीमोथैरेपी समेत कई सुविधाएं भी मिलेगी।

एनीमिया मुक्त राजस्थान के लिए शक्ति दिवस मनाया

टोंक जिले में एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत शक्ति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न चिकित्सा संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर इससे जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत बच्चों, किशोर-किशोरियों, प्रजनन आयु की महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं में एनीमिया की दर कम करने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के मंगलवार को ‘शक्ति दिवस’ मनाया जाता है।

डॉ. चौधरी ने बताया कि इस दिन आंगनवाड़ी केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों, पीएचसी, सीएचसी और राजकीय चिकित्सा संस्थानों में एनीमिया नियंत्रण के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, स्क्रीनिंग करना, हिमोग्लोबिन जांच और आवश्यक उपचार प्रदान करना है।

लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने का प्रयास

डॉ. चौधरी ने बताया कि शक्ति दिवस पर स्क्रीनिंग, जांच और उपचार कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। टोंक: शक्ति दिवस के अवसर पर एक केंद्र में एनीमिया की जांच करते कार्मिक।

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Published on:
18 Feb 2026 10:02 am
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