टोंक

खेतों में भरे बरसात के पानी में गल रही फसल, प्रशासन की ओर से अब तक नही हुआ खराबे का सर्वे शुरू

प्राकृतिक आपदा के रूप में आई बारिश से खेतों में फसलें खराब होने से राम तो फसल खराबे का सर्वे नहीं होने से राज भी रूठा महसूस हो रहा है।
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Updated: 13 Oct 2019, 6:36 PM IST
खेतों में भरे बरसात के पानी में गल रही फसल, प्रशासन की ओर से अब तक नही हुआ खराबे का सर्वे शुरू
खेतों में भरे बरसात के पानी में गल रही फसल, प्रशासन की ओर से अब तक नही हुआ खराबे का सर्वे शुरू

दूनी. कहावत है ‘राज रूठे, राम ना रूठे’ पर यहां किसानों की फसलों पर हुई मोसम की मार से राम व राज दोनो रूठ गए। प्राकृतिक आपदा के रूप में आई बारिश से खेतों में फसलें खराब होने से राम तो फसल खराबे का सर्वे नहीं होने से राज भी रूठा महसूस हो रहा है।

यही हाल है क्षेत्र के किसानों का, मेहनत कर बोई फसलें उनके व परिवार का पालन करती पर अफसोस आज खराब हुई फसलों को देख आंसू बहाने के अलावा किसान कुछ नहीं कर पा रहे है। उल्लेखनीय है गत दिनों हुई तेज बारिश से बोई फसलें खेतों में ही नष्ट गई, कुछ किसान काटकर रखी फसलों को कुछ मिलने की उम्मीद में सुखाने के लिए ढेरियां बना खेत में खड़ी कर रखी है मगर लगता है इससे भी उन्हें उम्मीद नजर नहीं आ रही।

गौरतलब है कि किसान पानी में गल रही व काटकर रखी फसलों से सरकार की ओर से राहत का इंतजार कर रहे है प्रशासन खराब फसलों का सर्वे नहीं करा रहा इससे किसानों को ली गई रसूखदारों की उधारी सहित परिवार के पालन-पोषण की चिंताए सताने लगी है।

फसल खराबे का मुआवजा दिलाएं
देवली. जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी ने कहा कि मौजूदा मानसून सत्र में अतिवृष्टि से किसानों की फसलें खराब हुई। सरकार को तत्काल गिरदावरी कराकर मुआवजा देना चाहिए। यह बात चौधरी ने बीसलपुर कॉलोनी सर्किट हाउस में हुई पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा वर्ष 2016 में भाजपा सरकार ने नुकसान को लेकर तत्काल मुआवजा जारी किया था। जिससे प्रदेश के किसानों को त्वरित राहत मिली।

लेकिन मौजूदा सरकार ने पंचायतराज से मिलने वाले राज्य वित्त आयोग के मद को रोककर किसानों के साथ अन्याय किया है। इस दौरान प्रधान शकुंतला वर्मा, उप्रप्रधान रमेश भारद्वाज, पालिका उपाध्यक्ष जितेन्द्र चौधरी, सरपंच पदमचंद जैन, राजेन्द्र धाकड़, ऋतुराज गुर्जर, बाबूलाल सहित कार्यकर्ता मौजूद थे।

फसली ऋण के आवेदन की तिथि बढ़ाई जाए
देवली. दी सेन्ट्रल कॉपरेटिव बैंक की ओर से किसानों को दिए जाने वाले फसली ऋण की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर गुरुवार को भारतीय किसान संघ देवली ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ अध्यक्ष देवलाल धाकड़ ने बताया कि बैंक कर्मचारियों की लापरवाही के चलते कई किसान आवेदन से वंचित रह गए। फिलहाल 146 किसानों के आवेदन भरे गए, जबकि 2 हजार किसानों से आवेदन भराने का बैंक को लक्ष्य थे।

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