
कछुआ चाल को भी मात दे रही काम गति कोई है जिम्मेदार
टोंक. विकास के नाम पर शहर की सडक़ों पर गड्ढे कर दिए गए, लेकिन उनकी मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ये गड्ढे आरयूआईडीपी, जलदाय विभाग तथा बिजली निगम ने पाइप लाइन तथा केबल डालने के लिए किए हैं।
हालांकि ये विकास के लिए किया जा रहा है, लेकिन इसकी क्रियान्विति सही रूप से नहीं हो रही है। इसके चलते लोगों को परेशानी हो रही है। मरम्मत समय पर करने के लिए जनप्रतिनिधि भी कई बार आवाज उठा चुके, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ऐसे में लेागों को गड्ढों के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
दो साल में नहीं ली सुध
शहर में आरयूआईडीपी ने सीवरेज तथा जलदाय विभाग ने पेयजल के लिए पाइप लाइन डालने का कार्य दो साल पूर्व शुरू किया था। इसमें शहर के विभिन्न इलाकों में पाइप लाइन डाली गई, लेकिन खोदी गई सडक़ों की मरम्मत नहीं की गई।
इससे शहर का अधिकांश इलाके की सडक़ें जर्जर हो गई। आरयूआईडीपी सीवरेज तथा पेयजल लाइनों का कार्य कर रही है। इसमें ठेकेदारों ने पहले बेहिसाब से सडक़ें खोद दी। उनकी मरम्मत आज भी नहीं की गई।
ये भी चल रहा है शहर में काम
विद्युत वितरण निगम की ओर से शहर के मुख्य बाजार घंटाघर से लेकर बड़ा कुआं तक की लाइनों को भूमिगत करने का काम चल रहा है। इसमें निगम के ठेकेदार ने लाइन डालने के लिए सडक़ खोद तो दी, लेकिन गड्ढो की मरम्मत छोड़ उन्हें भरा भी नहीं जा रहा है।
इधर, नगर परिषद सभापति लक्ष्मीदेवी जैन ने बताया कि पाइप लाइन डालने के बाद शहर की अधिकतर सडक़ें नए सिरे बनाई जाएगी।
जख्म नहीं भर रहे हैं अभी
जलदाय विभाग की ४७.२० करोड़ की योजना के तहत पाइप लाइन डालने का कार्य किया गया। ये कार्य शहर के मुख्य मार्गों में किया गया। खोदी गई सडक़ों के जख्म दो साल बाद भी नहीं भर पाए हैं।
मोतीबाग मोड़ से एपीआरआई, बस स्टैण्ड तथा छावनी में सडक़ दो पाटों में बंट गई है। जबकि इस मार्ग पर देश के कई शहरों की बसों का आवागमन रहता है। जयपुर बायपास से लेकर बस स्टैण्ड तक बसें हिचकोले खाती हुई चलती है।
-बात सही है कि चार दिन का काम चालीस दिन में भी नहीं हो रहा है। इस बारे में अधिकारियों से बात करेंगे कि जो सडक़ें तोड़ी गई है उनकी समय पर मरम्मत कराई जाए। इससे परेशानी जनता के साथ हमें भी हो रही है। इसके जवाबदार हम है, लेकिन अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही से सुनने को मिल रहा है।
लक्ष्मीदेवी जैन, सभापति नगर परिषद, टोंक