
टोंक। नरेश मीणा के नेतृत्व में प्रस्तावित जन आंदोलन की घोषणा के बाद अब टोंक में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने वार्ता रास्ता अपनाया है। इसके लिए टोंक कलक्टर और एसपी ने नरेश मीणा को वार्ता के लिए बुलाया है।
बता दें कि देवली-उनियारा विधानसभा की जन समस्याओं को लेकर 30 जनवरी को कोटडी मोड़ पर नरेश मीणा के नेतृत्व में जन आंदोलन होने वाला है। नरेश मीणा ने 20 जनवरी को इसका ऐलान किया था। ऐसे में जन आंदोलन से ठीक एक दिन पहले जिला प्रशासन ने नरेश को बातचीत के लिए कलक्ट्रेट बुलाया है।
बताया जा रहा है कि कलक्ट्रेट कार्यालय में गुरुवार दोपहर नरेश मीणा की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलक्टर कल्पना अग्रवाल और एसपी राजेश कुमार मीना बातचीत करेंगे। वार्ता के बाद नरेश मीणा आगे की रणनीति बताएंगे।
नरेश मीणा लगातार देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के गांवों में ग्रामीणों को पीले चावल देकर जन आंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण दे रहे है। वे ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर हक–अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने की अपील कर रहे है।
नरेश मीणा ने 20 जनवरी को एलान किया था कि विधानसभा क्षेत्र देवली-उनियारा की समस्याओं को लेकर 30 जनवरी को सोप, उनियारा की धरती पर जन आंदोलन करूंगा। साथ ही उन्होंने कहा था कि चुनाव के बाद देवली-उनियारा की धरती पर यह पहला आंदोलन है।