
टोंक। शहर में मंगलवार शाम हुई तेज बारिश के बाद मालपुरा में जलभराव के बीच एक दर्दनाक हादसे में 27 वर्षीय राहुल रैगर की करंट लगने से मौत हो गई। महावीर मार्ग पर विद्युत पोल के पास बारिश के पानी में करंट फैलने से राहुल उसकी चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद बुधवार को रैगर समाज के लोगों ने जिला अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन कर पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपए के मुआवजे, सरकारी नौकरी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मंगलवार दोपहर बाद मालपुरा में तेज बारिश शुरू हुई, जो देर शाम तक जारी रही। पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण शहर के कई इलाकों में एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया। बारिश थमने के बाद राहुल अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह महावीर मार्ग स्थित विद्युत पोल के पास पहुंचा, सड़क पर भरे पानी में दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकेंड में हुआ और युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने बिजली सप्लाई बंद करवाने का प्रयास किया और युवक को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद 108 एम्बुलेंस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सीपीआर सहित आवश्यक प्रयास किए, लेकिन जांच के बाद राहुल को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया।
राहुल अपने पिता रामसहाय का इकलौता पुत्र था। परिवार में उसकी पत्नी और करीब ढाई वर्ष की एक बेटी है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर बताई जा रही है और राहुल ही घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी असामयिक मौत से पूरे परिवार पर संकट खड़ा हो गया है।
बुधवार सुबह बड़ी संख्या में रैगर समाज के लोग जिला अस्पताल पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी कपिल शर्मा, वृत्ताधिकारी आशीष प्रजापत और विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए, आश्रित को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए और हादसे के लिए जिम्मेदार विद्युत विभाग एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान विद्युत सुरक्षा और जलभराव की अनदेखी के कारण एक युवा की जान चली गई, जिसकी जवाबदेही तय होना जरूरी है।