टोंक

एसडीएम थप्पड़ कांड में नरेश मीणा जेल से जमानत पर रिहा, बोले- ‘खुद को रोक नहीं सका’

Naresh Meena Bail: एसडीएम थप्पड़ कांड में आरोपी नरेश मीणा को हाईकोर्ट से दोबारा जमानत मिलने के बाद टोंक जेल से रिहा कर दिया गया। जेल के बाहर समर्थकों और महिलाओं ने आरती-तिलक कर उनका स्वागत किया। बाहर आते ही नरेश मीणा ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया और समर्थकों का आभार व्यक्त किया।
2 min read
Sep 23, 2026
Naresh Meena
नरेश मीणा। पत्रिका फाइल फोटो

टोंक। राजस्थान के चर्चित एसडीएम थप्पड़ कांड में आरोपी नरेश मीणा को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार को टोंक जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। महिलाओं ने आरती उतारी और तिलक लगाकर नरेश मीणा का अभिनंदन किया। इस दौरान समर्थकों में उत्साह नजर आया। रिहाई के बाद नरेश मीणा ने मीडिया से बातचीत कर अपनी प्रतिक्रिया दी और न्यायपालिका पर भरोसा जताया।

नरेश मीणा ने कहा कि उन्होंने हमेशा न्यायपालिका पर विश्वास रखा है। पूर्व में मिली जमानत की शर्तों का भी उन्होंने पालन किया था। उन्होंने बताया कि कई धरनों, प्रदर्शनों और आंदोलनों से उन्होंने खुद को दूर रखा, लेकिन झालावाड़ में स्कूल त्रासदी के बाद खुद को रोक नहीं पाए।

स्कूल त्रासदी पर खुद को नहीं रोक सका- नरेश मीणा

उन्होंने कहा कि झालावाड़ स्कूल हादसे में बच्चों की मौत के बाद उन्होंने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया था। हालांकि, पुलिस ने शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए अदालत का रुख किया। नरेश मीणा ने जमानत देने के लिए कोर्ट का आभार जताया।

समर्थकों का जताया आभार

जेल से रिहाई के बाद नरेश मीणा ने अपने समर्थकों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक निराश नहीं हुए और मजबूती से उनके साथ खड़े रहे। उनके जेल में रहने के दौरान भी कई समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर आंदोलन किए। नरेश ने इस समर्थन को अपने लिए महत्वपूर्ण बताया।

हाईकोर्ट ने किन शर्तों पर दी जमानत?

गौरतलब है कि मंगलवार को जस्टिस अनिल उपमन की अदालत ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी थी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि जमानत पर रहने के दौरान उन्हें संबंधित थाने में हर महीने के पहले सप्ताह में उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके अलावा वे किसी अन्य अपराध में शामिल नहीं होंगे और रिहाई के बाद समाज में अपनी छवि का महिमामंडन नहीं करेंगे।

इससे पहले टोंक की एससी-एसटी कोर्ट ने जमानत की शर्तों के उल्लंघन के आधार पर उनकी बेल रद्द कर दी थी। इसके बाद नरेश मीणा ने अदालत में सरेंडर किया था।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान 13 नवंबर 2024 को समरावता गांव में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद समरावता सहित आसपास के इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं। मामले में नरेश मीणा को गिरफ्तार किया गया था।

बाद में झालावाड़ स्कूल हादसे के दौरान धरना देने को लेकर दर्ज मामले के आधार पर उनकी जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि पहले जमानत के बाद दर्ज तीन मामलों में से दो में उनकी भूमिका नहीं पाई गई, जबकि एक मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है।

Updated on:
23 Sept 2026 05:26 pm
Published on:
23 Sept 2026 05:11 pm