टोंक/टोडारायसिंह। आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने रविवार को सूरजपुरा फिल्टर प्लांट सभागार में विभागीय अभियंताओं की बैठक लेकर जयपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में […]
टोंक/टोडारायसिंह। आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने रविवार को सूरजपुरा फिल्टर प्लांट सभागार में विभागीय अभियंताओं की बैठक लेकर जयपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में मंत्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए सूरजपुरा फिल्टर प्लांट से जयपुर शहर और ग्रामीण इलाकों तक पानी की आपूर्ति की प्रभावी और निरंतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बीसलपुर बांध में उपलब्ध पानी के आधार पर वितरण व्यवस्था का वैज्ञानिक संचालन किया जाए, ताकि पूरे क्षेत्र में संतुलित जलापूर्ति बनी रहे।
मंत्री ने मुख्य अभियंताओं से बीसलपुर बांध में वर्तमान जलस्तर और उससे जयपुर व अजमेर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही जलापूर्ति की जानकारी भी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मियों के दौरान जलापूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए पाइपलाइन, पंपिंग स्टेशन और फिल्टर प्लांट की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। चौधरी ने टोडारायसिंह क्षेत्र के लिए प्रस्तावित फिल्टर प्लांट के लिए उपलब्ध भूमि का उपयोग करने के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।
बैठक में टीएम-01 परियोजना के तहत टोडारायसिंह से मालपुरा, दूदू और सांभर तक डाली जा रही पेयजल पाइपलाइन की प्रगति की जानकारी भी ली। साथ ही टीएम-02 झिराना-निवाई पाइपलाइन परियोजना का कार्य जल्द योजना तैयार करवाकर शुरू करवाने को कहा। इधर, मंत्री ने जयपुर शहर की भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं को देखते हुए नई पाइपलाइन और फिल्टर प्लांट के लिए डीपीआर शीघ्र तैयार कर कार्य शुरू करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर जल' लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि पेयजल की चोरी या अवैध कनेक्शन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति पेयजल की चोरी करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि संभावित जल संकट की स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं, ताकि जयपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मुख्य अभियंता देवराज सोलंकी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़, अधीक्षण अभियंता भुवनेश्वर अग्निहोत्री, अधीक्षण अभियंता सुधीर वर्मा, अधिशासी अभियंता रविंद्र मीणा, योगेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता मनीष बंसल (डब्ल्यूआरडी), सहायक अभियंता विकास जैन, मालाराम जाट, कृषि मंडी अध्यक्ष महावीर धाकड़, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रामचंद्र गुर्जर मौजूद रहे।