टोंक

विधायक की जनसुनवाई में झलका तबादलों का दर्द, कर्मचारियों व अधिकारियों सहित लोगों ने की स्थानान्तरण निरस्त की मांग

विधायक हरीशचन्द्र मीणा की जनसुनवाई में करीब डेढ़ दर्जन समस्या आमजन से जुड़ी आई। जबकि शेष सभी प्रार्थना पत्र स्थानान्तरण से सम्बधित थे।
2 min read
• •
Updated: 7 Oct 2019, 2:00 PM IST
विधायक की जनसुनवाई में झलका तबादलों का दर्द, कर्मचारियों व अधिकारियों सहित लोगों ने की स्थानान्तरण निरस्त की मांग
विधायक की जनसुनवाई में झलका तबादलों का दर्द, कर्मचारियों व अधिकारियों सहित लोगों ने की स्थानान्तरण निरस्त की मांग

देवली. विधायक हरीशचन्द्र मीणा ने रविवार सुबह बीसलपुर कॉलोनी स्थित सर्किट हाउस में जनसुनवाई की। इस दौरान शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों ने विधायक को समस्याएं बताई, लेकिन इसमें अधिकतर समस्या विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की स्थानान्तरण की आई। सुबह 9 बजे शुरू हुई जनसुनवाई में ग्रामीण महेन्द्र धाकड़, राजेन्द्र, आशाराम ने थांवला से श्रीनगर के बीच बनी कच्ची सडक़ के डामरीकरण की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि कच्ची सडक़ होने से आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार नासिरदा निवासी रामकरण वर्मा, सलामुद्दीन, ओमप्रकाश जैन, रामकुमार ने नासिरदा ग्राम विकास अधिकारी पर भ्रष्टाचार व दुराचार का आरोप लगाते हुए पंचायत से हटाने की शिकायत की।

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी हर एक काम की एवज में रुपए लेता है। जिस पर हाल में पुलिस में मामला भी दर्ज हुआ है। कांग्रेस के सत्यनारायण तिवाड़ी ने उपखण्ड की सभी हायर सैकण्डरी स्कूल में अंग्रेजी साहित्य विषय खोलने की मांग को लेकर विधायक को ज्ञापन सौंपा।

साथ ही मालेड़ा से देवली सडक़ के नवीनीकरण की मांग की। अम्बापुरा कॉलोनी सप्तम के ग्रामीणों ने कॉलोनी में सडक़ व नाली निर्माण को लेकर विधायक से गुहार लगाई। इसमें बताया कि नालियां नहीं होने से कॉलोनी में कई जगह दूषित पानी एकत्र हो रहा है तथा इसे लेकर ग्रामीणों में परस्पर झगड़े होते है।

दांता ढाणी निवासी कुलदीप प्रतिहार की अगुवाई में ग्रामीणों ने ढाणी में बंद पड़ी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय को पुन: चालू करने, दांता से जाल की ढाणी तक डामरीकरण करवाने व पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। डाबर कास्यां कॉलोनी के वार्ड 9 सार्वजनिक कुएं से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर पूर्व वार्ड पंच बीरम सिंह व ग्रामीणों ने लिखित शिकायत दी।

इसमें बताया कि वार्ड पंचायत ने अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव लिया, फिर भी अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। इन सभी प्रकरणों से सम्बधित शिकायत को विधायक ने सम्बधित विभागों के अधिकारियों को सौंपी। इस दौरान जिन कर्मचारियों व कार्यकर्ताओं के काम हुए, वे जनसुनवाई शिविर में मिठाई खिलाते नजर आएं।

शिविर में ब्लॉक अध्यक्ष रतनलाल हाड़ा, कांग्रेस नेता आशा जांगिड़, चांदमल जैन, सत्यनारायण तिवाड़ी, राजेन्द्र ग्वाला, दिनेश जैन, आकाश कंछल, नीरज शर्मा, मुकेश गर्ग, मनजीत सिंह काका, जगदीश चौधरी, सत्यनारायण बूलिया, सुरेन्द्र बैरवा, टीकम सैन उपस्थित थे।

आवेदनों का लगा ढेर
जनसुनवाई में करीब डेढ़ दर्जन समस्या आमजन से जुड़ी आई। जबकि शेष सभी प्रार्थना पत्र स्थानान्तरण से सम्बधित थे। गौरतलब है कि पिछले दिनों शिक्षा विभाग सहित महकमों के दर्जनों कर्मचारी व अधिकारी इधर-उधर हुई। इनमें कई प्रधानाचार्यो को दुरस्थ के जिलों में भेज दिया गया।

जिन्हें निरस्त कराने की मांग को लेकर मुख्यत: शिक्षा विभाग शिक्षक, प्रधानाचार्य जनसुनवाई में आए। इनके अलावा चिकित्सा, राजस्व सहित महकमों के स्थानान्तरण के भी आवेदन आएं। इच्छित स्थान पर तबादला कराने को लेकर आवेदनों के ढेर लग गए।

इस दौरान उपखण्ड अधिकारी अशोक कुमार त्यागी, पुलिस उपाधीक्षक रामचन्द्र, सीबीइओ मोतीलाल ठागरिया, एसीइओ राजीव शर्मा, पंचायत समिति एइएन देवकिशन नागर, कौशल किशोर पारीक, एइएन पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार वर्मा, विद्युत निगम क डी. के. जैन, इओ सुरेश कुमार मीणा, आशीष शर्मा सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। जनसुनवाई में बेतरतीब भीड़ होने से अव्यवस्था हुई। हांलाकि उक्त शिविर सर्किट हाउस परिसर में आयोजित होना था। लेकिन आमजन के मीटिंग हॉल में आने से वहीं पर जनसुनवाई चालू कर दी गई।

Published on: