टोंक

Mayank Goyal Tonk : सचिन पायलट के गढ़ टोंक में कांग्रेस का बोर्ड, 24 साल के मयंक गोयल बने सभापति; जानें कौन हैं?

सचिन पायलट के गढ़ टोंक नगर परिषद में कांग्रेस ने एक बार फिर अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की। महज 24 साल के मयंक गोयल 38 मत हासिल कर सभापति निर्वाचित हुए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद सिंह को 17 मतों के अंतर से हराया।
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Sep 21, 2026
Mayank Goyal Tonk
Mayank Goyal Tonk (फोटो पत्रिका)

टोंक। नगर निकाय चुनाव के बाद सभापति-अध्यक्ष पद के चुनाव में सचिन पायलट के गढ़ टोंक नगर परिषद में कांग्रेस ने एक बार फिर अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की। महज 24 साल के मयंक गोयल 38 मत हासिल कर सभापति निर्वाचित हुए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद सिंह को 17 मतों के अंतर से हराया। प्रहलाद सिंह को 21 मत मिले। परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटेल सर्कल पर आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया।

वहीं मतदान के दौरान भाजपा पदाधिकारियों ने कांग्रेस पार्षदों पर मतदान कक्ष परिसर में भाजपा पार्षदों से वोट के लिए चर्चा करने का आरोप लगाते हुए आपत्ति जताई। हंगामे की सूचना पर पुलिस और निर्वाचन अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश के बाद मतदान प्रक्रिया पूरी कराई गई।

टोंक नगर परिषद के 59 वार्डों के चुनाव परिणाम में कांग्रेस के 32, भाजपा के 19 और निर्दलीय 8 पार्षद निर्वाचित हुए थे। कांग्रेस ने मयंक गोयल को सभापति पद के लिए मैदान में उतारा था। मयंक वार्ड 53 से कांग्रेस पार्षद चुने गए हैं। गत बोर्ड में कांग्रेस के अली अहमद सभापति रहे थे।

एमबीए के बाद राजनीति में उतरे

मयंक गोयल ने एमबीए किया है। उनका परिवार लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके दादा आत्माराम गोयल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। युवा चेहरे के तौर पर कांग्रेस ने मयंक को सभापति पद के लिए प्रत्याशी बनाया। नामांकन के दौरान भी उनके साथ कांग्रेस के नेता और निर्वाचित पार्षद मौजूद रहे।

मतदान के दौरान हंगामा, भाजपा ने लगाए आरोप

सभापति पद के लिए मतदान के दौरान भाजपा पदाधिकारियों ने कांग्रेस पार्षदों पर मतदान कक्ष परिसर में भाजपा पार्षदों से वोट के लिए चर्चा करने का आरोप लगाया। भाजपा जिलाध्यक्ष चन्द्रवीरसिंह चौहान और पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता ने इस पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना पर रिटर्निंग ऑफिसर सीमा खेतान और पुलिस उपाधीक्षक मृत्युंजय मिश्रा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भाजपा पदाधिकारियों से समझाइश की, जिसके बाद मामला शांत हुआ और मतदान प्रक्रिया पूरी कराई गई।

17 वोटों के अंतर से जीत ने खींचा ध्यान

मयंक गोयल को 38 और भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद सिंह को 21 मत मिले। इस तरह मयंक ने 17 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। परिषद के चुनाव में कांग्रेस के पास 32, भाजपा के 19 और निर्दलीय 8 पार्षद थे। सभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को 38 मत मिलना चुनाव परिणाम के बाद अतिरिक्त समर्थन की चर्चा का आधार बना।

युवाओं के साथ शहर का विकास प्राथमिकता

सभापति निर्वाचित होने के बाद मयंक गोयल ने कहा कि एमबीए करने के बाद राजनीति में काम करने की इच्छा थी। युवाओं के साथ मिलकर शहर का विकास उनकी प्राथमिकता रहेगी। शहर के सम्पूर्ण विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।

उपसभापति-उपाध्यक्ष के लिए मतदान

नगर परिषद और नगर पालिकाओं में मंगलवार को उपसभापति और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होंगे। अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद राजनीतिक दलों ने पार्षदों से संपर्क और बैठकों का दौर तेज कर दिया है। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने पार्षदों को साथ रखने की कवायद में जुटे हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले पार्षदों को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया था। अब उपसभापति-उपाध्यक्ष के चुनाव तक भी बैठकों और पार्षदों की आवाजाही का दौर जारी रहने की संभावना है।

Updated on:
21 Sept 2026 05:35 pm
Published on:
21 Sept 2026 05:30 pm