Tonk News: ईद की तैयारियों के बीच खुशियों से भरा कठमाणा गांव अचानक गहरे मातम में डूब गया। हादसे में चाचा-भतीजे सहित दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
टोंक/रानोली। ईद की तैयारियों के बीच खुशियों से भरा कठमाणा गांव अचानक गहरे मातम में डूब गया। रोजा इफ्तार के बाद बाजार से लौट रहे तीन किशोरों की बाइक नागजी मोड़ पर एक कार से टकरा गई। हादसे में चाचा-भतीजे सहित दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
मंगलवार को जब दोनों के जनाजे एक साथ उठे, तो गांव का हर रास्ता नम आंखों और सिसकियों से भर गया। हर कोई यही कहता नजर आया जो बच्चे कुछ देर पहले ईद की खुशियों की तैयारी में निकले थे, वे अब हमेशा के लिए खामोश हो गए।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि स्टेट हाईवे-121 पर रात करीब आठ बजे कठमाणा की ओर से आ रही कार और रानोली की तरफ जा रही मोटरसाइकिल की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक उछलकर सड़क किनारे खेत की बाड के लिए लगी कंटीले तारों और जाली में जा गिरे।
हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस चौकी रानोली को सूचना दी गई और घायलों को बिना समय गंवाए मोटरसाइकिलों से ही रानोली अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने उपचार किया, लेकिन हालत चिंताजनक होने उन्हें पीपलू सीएचसी रेफर कर दिया। रानोली में एम्बुलेंस सुविधा नहीं होने से नानेर से एम्बुलेंस बुलानी पड़ी, जो करीब 40 मिनट बाद पहुंची। इस दौरान हर पल परिजनों के लिए भारी साबित हो रहा था।
पीपलू अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने फारुख (22) और शोहेब (15) को मृत घोषित कर दिया। और आदिल (14) की हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रेफर किया गया। झिराना थाना प्रभारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि तीनों कठमाणा निवासी थे और ईद की खरीदारी कर लौट रहे थे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। परिजनों के अनुसार, फारुख गांव में मौलाना का कार्य करता था, जबकि शोहेब कक्षा नौ का छात्र था और इन दिनों उसकी परीक्षाएं चल रही थीं।
प्रत्यक्षदर्शी भंवरलाल मीणा और हर्ष मीणा ने बताया कि वे नागजी मोड़ स्थित दुकान से लौट रहे थे, तभी जोरदार टक्कर की आवाज आई। उन्होंने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी और ग्रामीणों के साथ मिलकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे ने एक ही पल में दो घरों के चिराग बुझा दिए। ईद की रौनक की जगह अब गांव में सन्नाटा और शोक का माहौल है।