टोंक

10 वर्ष की दो मासूम बेटियों नें अपने पिता के शव को कंधा दिया बल्कि श्मशान घाट में मुखाग्नि भी दी

निधन पर बेटों द्वारा शव को कंधा दिए जाने व मुखाग्नि दिए जाने की परंपरा रही है, लेकिन कभी-कभी बेटियों द्वारा ये पुत्र धर्म निभाये जाने के मामले सामने आते हैं। टोंक में 6 वर्ष व 10 वर्ष की दो मासूम बेटियों नें ना सिर्फ अपने पिता के शव को कंधा देने के रस्म निभाई,
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Updated: 30 Jul 2019, 11:35 AM IST
Two innocent daughters
टोंक. पिता के निधन पर श्मशानघाट में मुखाग्नि देती दोनों बेटियां।

टोंक. हिंदू संस्कृति Hindu culture में यूं तो पिता के निधन Father dies पर बेटों द्वारा शव को कंधा दिए जाने व मुखाग्नि दिए जाने की परंपरा रही है, लेकिन कभी-कभी बेटियों द्वारा ये पुत्र धर्म निभाये जाने के मामले सामने आते हैं।

टोंक में 6 वर्ष व 10 वर्ष की दो मासूम बेटियों Two innocent daughters नें ना सिर्फ अपने पिता के शव को कंधा dead body देने के रस्म निभाई, बल्कि अन्य सभी क्रियाओं के अलावा श्मशान घाट Cremation groundमें मुखाग्नि भी दी ।

शहर को मोती बाग क्षेत्र निवासी राजूलाल बाबलोत का गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बाद बीती रात जयपुर में उपचार के दौरान निधन हो गया था। पुत्र धर्म निभाने वाले दोनों मासूम बेटियों गीतांजलि व वर्षा का कहना था कि उनके कोई भाई नहीं था।

ऐसे में उनके पिता ने बीमारी के दौरान ही यह इच्छा जाहिर कर दी थी कि मृत्यु के बाद दोनों पुत्रियां ही उसे मुखाग्नि दे। उन्होंने अपने पिता को मृत्यु पूर्व दिए गए वचन का निर्वहन करते हुए मुखाग्नि दी।

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निवाई. सिरस. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय श्योसिंहपुरा में अध्यापकों के गुटबाजी व आपसी के विवाद के चलते चार दिन से विद्यार्थियों ने विद्यालय जाना ही बंद कर दिया हैं, जिससे विद्यालय में शिक्षक में हाजिरी कर समय कर पूरा लौट रहे है।

जबकि इस घटना की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी नसीम अहमद और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरिता शर्मा को होने के बावजूद भी अभी तक उक्त मामले का पटाक्षेप नहीं हो पाया हैं।


ग्रामीणों ने शिक्षकों की गुटबाजी और आपसी झगड़ेे को लेकर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरिता शर्मा को ज्ञापन देकर विद्यालय के समस्त शिक्षकों को बदलने की मांग की थी। ग्रामीणों ने बताया कि गुटबाजी के चलते आए आए दिन विद्यालय में विवाद होते है, जिससे विद्यार्थियों पर बुरा असर पड़ रहा हैं और उनका अध्ययन बाधित हो रहा हैं।

इस सम्बन्ध में पहले भी अभिभावक विद्यालय में पहुंचकर अध्यापकों समझाया था और उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी शिक्षकों की गुटबाजी जस की तस बनी हुई हैं।

इस समस्या से निजात पाने के लिए विद्यालय विकास समिति के अध्यक्ष रामप्रसाद योगी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक विद्यालय का समूचा स्टाफ नहीं बदल जाता तब तक अपने बच्चों विद्यालय नहीं भेजेंगे और इस निर्णय की उच्चाधिकारियों को भी दे दी हैं, लेकिन अभी तक कार्यवाही के नाम कुछ नहीं हुआ हैं।

और ग्रामीण भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। सोमवार को भी विद्यालय एक भी विद्यार्थी नहीं आया, जिससे विद्यालय सूना रहा। इधर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरिता शर्मा का कहना कि दो शिक्षकों को हटाने के लिए ग्रामीणों ने मांग की हैं और उच्चाधिकारियों को भी सूचित कर दिया हैं।

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