
Vande Ganga Jal Sanrakshan Abhiyan: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गंगा दशमी के पावन अवसर पर सोमवार को टोंक जिले में बीसलपुर बांध पहुंचकर ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विधिवत जल पूजन कर आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने स्काडा प्रणाली का अवलोकन कर जल प्रबंधन एवं जल आपूर्ति व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल, जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार सुबह हेलिकॉप्टर से बीसलपुर बांध पहुंचे। बांध की दायीं मुख्य नहर के करीब हेलिपैड पर उतरकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बीसलपुर बांध के जलभराव किनारे त्रिवेणी संगम पर बने पुरातत्व विभाग के अधीन एतिहासिक बीसलदेव शिव मंदिर पहुंचे। मंदिर में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने जलाभिषेक किया। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ स्थानीय ग्रामीण भारी संख्या में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीसलदेव शिव मंदिर में जलाभिषेक के बाद बांध पर बने स्काडा सिस्टम कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर अधिकारियों से बांध और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर अधिकारियों संग बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बांध स्थित स्काडा सिस्टम के कंट्रोल रूम पर बांध परियोजना अधिकारियों से जल भराव ,बांध से हो रही जलापूर्ति, ईआरसीपी परियोजना पर चर्चा कर फीडबैक लिया।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा सोमवार सुबह करीब 10 बजे हेलीकॉप्टर से गांवड़ी पंचायत के ककोडिया स्थित हैलीपेड पर पहुंचे। जहां से सड़क मार्ग होते हुए बीसलपुर बांध के निकट बीसलदेव शिव मंदिर पर वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत महिलाओं की ओर से भरे कलशों की पूजा अर्चना कर जल संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने बांध किनारे मंत्रोच्चार के साथ त्रिवेणी संगम पर जलाभिषेक भी किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आव्हान पर स्थानीय ग्रामीणों ने जल संरक्षण अभियान में भागीदारी निभाने की घोषणा की। ग्रामीणों ने कहा कि जल ही जीवन है और जल की हर बूंद कीमती है। सभी को पानी बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए। स्थानीय निवासी मनीष ने बताया कि शिक्षा के माध्यम से भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों,बच्चों और युवा पीढ़ी को जल संरक्षण के लिए जागरूक किया जाएगा। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में क्षेत्र के ग्रामीण बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे। वर्षा जल सहेजने और उसे भूगर्भ तक पहुंचाने के भी इंतजाम किए जाएंगे।