
वायरल वीडियो की तस्वीर
राजस्थान के टोंक जिले की नवगठित दूनी नगर पालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में अचानक बड़ा भूचाल आ गया है। दूनी से भाजपा की बागी प्रत्याशी और महिला पार्षद अर्चना बड़गूजर का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह 21 सितंबर को होने वाले मतदान प्रक्रिया से रोके जाने पर बेहद गंभीर कदम उठाने की खुली चेतावनी देती नजर आ रही हैं। इस वीडियो के सामने आते ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करते हुए राज्य की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
दूनी के 20 वार्डों में बहुमत का आंकड़ा होने के बावजूद भाजपा की इस अंदरूनी खींचतान और महिला पार्षद के गायब होने के आरोपों ने इस स्थानीय चुनाव को पूरे राजस्थान का सबसे हॉट पॉलिटिकल इश्यू बना दिया है।
पूरा विवाद दूनी नगर पालिका अध्यक्ष पद के नामांकन के अंतिम दिन से शुरू हुआ। वार्ड 14 से निर्वाचित पार्षद अर्चना बड़गूजर भाजपा की बाड़ेबंदी से बाहर निकलकर अपना पर्चा दाखिल करने आ रही थीं। परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और सुरक्षा का हवाला देकर आगे नहीं जाने दिया। इसके बाद उनके प्रस्तावक ने रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुंचकर उनका नामांकन पत्र जमा करवाया।
अर्चना बड़गूजर के परिजनों ने आरोप लगाया है कि नामांकन पत्र दाखिल होने के तुरंत बाद भाजपा समर्थित लोग और स्थानीय पुलिस अर्चना को फिर से किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। परिजन उन्हें जयपुर और आसपास के इलाकों में तलाश रहे हैं, लेकिन उनका कोई स्पष्ट अता-पता नहीं मिल पा रहा है। इसी बीच उनका यह भावुक और चेतावनी भरा वीडियो सामने आया, जिसने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
महिला पार्षद का वीडियो वायरल होते ही कांग्रेस को भाजपा पर हमला करने का बड़ा मौका मिल गया। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस वीडियो को साझा करते हुए कहा कि राज्य में लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा अपनी ही महिला पार्षदों को दबाव में रख रही है और पुलिस का दुरुपयोग करके उन्हें मतदान करने से रोका जा रहा है।
दूनी नगर पालिका के कुल 20 वार्डों के नतीजे आने के बाद भाजपा के पास 12 पार्षद हैं, जो स्पष्ट बहुमत के लिए काफी हैं। वहीं कांग्रेस के पास 6 और 2 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं। इसके बावजूद अध्यक्ष पद के लिए 3 प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं:
वार्ड 6 से भाजपा की आधिकारिक प्रत्याशी: अर्चना
वार्ड 9 से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी: कृष्णा देवी
वार्ड 14 से बागी निर्दलीय/भाजपा प्रत्याशी: अर्चना बड़गूजर
रिटर्निंग अधिकारी की जांच में तीनों उम्मीदवारों के पर्चे सही पाए गए हैं। शुक्रवार को नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है। अगर अर्चना बड़गूजर अपना नामांकन वापस नहीं लेती हैं, तो 21 सितंबर को दूनी पालिका अध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस प्रशासन महिला पार्षद को सुरक्षा प्रदान कर 21 सितंबर को बिना किसी दबाव के निष्पक्ष वोटिंग करवा पाएगा या फिर यह सियासी ड्रामा किसी नए मोड़ पर पहुंचेगा?
Updated on:
18 Sept 2026 03:51 pm
Published on:
18 Sept 2026 03:51 pm
