Leopard Attack in Tonk: निवाई उपखंड क्षेत्र के गांव बस्सी में बघेरे का बढ़ता आतंक एक बार फिर भयावह रूप में सामने आया है।
टोंक। निवाई उपखंड क्षेत्र के गांव बस्सी में बघेरे का बढ़ता आतंक एक बार फिर भयावह रूप में सामने आया है। झिलाई रोड स्थित सरकारी स्कूल के समीप उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बघेरा अचानक बाड़े में घुस आया और बंधी बकरियों पर हमला बोल दिया। हमले में एक बकरी का मौके पर ही शिकार कर मार दिया, जबकि दूसरी बकरी जख्मी हो गई।
रात करीब 8 बजे हुए इस हमले ने पूरे गांव को दहला दिया। बाड़े में घुसते ही बघेरे के हमले से बकरियां जोर-जोर से मिमियाने लगी। अचानक उठी इस आवाज से आसपास के लोग सतर्क हो गए और बाडे की ओर दौड़े। ग्रामीणों की आवाजें सुनते ही बघेरा फुर्ती से छलांग लगाकर पलक झपकते ही पहाड़ियों की ओर ओझल हो गया।
पीड़ित गिर्राज हरसाणा ने बताया कि बघेरा गांव के पास की पहाड़ी गुफा से निकलकर सीधे बाड़े में कूद गया। उसने एक बकरी को अपना शिकार बना लिया और दूसरी पर भी हमला कर उसे जख्मी कर दिया। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते ग्रामीण मौके पर नहीं पहुंचते तो और बकरियों का शिकार कर सकता था।
घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। टीम मौके पर पहुंची और बघेरे के पदचिन्ह देखें तथा पोस्टमार्टम करवा कर जमीन में गाढ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में बघेरे की सक्रियता लगातार बढ़ रही है और वह बेखौफ होकर आबादी के नजदीक पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि बघेरा पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय है और बार-बार पशुधन को निशाना बना रहा है। इसके चलते बस्सी सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल गहराता जा रहा है। पशुपालकों के सामने आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से बघेरे को शीघ्र पकड़ने या सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
बस्सी में बघेरे की सूचना मिलते ही विभागीय टीम को मौके पर भेज दिया गया है। पशुपालक को मुआवजा दिलाने के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है और शीघ्र ही मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
-धारीलाल बैरवा, क्षेत्रीय वन प्रसार अधिकारी निवाई।