Helmets are working wearing employee राजस्थान में कर्मचारी इस कारण पहली बार कार्यालय में हेलमेट पहनकर काम कर रहे है
टोंक. जिले का एक मात्र क्षय रोग चिकित्सालय इन दिनों बीमार है। कारण है कि चिकित्सालय भवन जर्जर हो गया है। टपकती छत तथा परिसर में भरने वाले पानी से दवाइयां व जांच के केमिकल खराब हो रहे हैं। छत से गिर रहे प्लास्टर के चलते अब कर्मचारियों को बरसात के दिनों में हेलमेट पहनकर काम करना पड़ता है।
इसका कारण है कि छत से प्लास्टर गिरता रहता है। गत दिनों शुरू हुई बरसात के बाद कई बार छत से प्लास्टर गिर चुका है। ऐसे में केमिकल तथा दवाइयां खराब हो चुकी है। लगातार गिरते प्लास्टर से कर्मचारी भय के साए में काम कर रहे हैं। जबकि ये जिले का एक मात्र क्षय रोग अस्पताल है।
यहां प्रति दिन आउट डोर 40 से 50 के बीच रहता है। ऐसे में यहां रोगियों की जांच करने वाले चिकित्साकर्मियों को भी डर सताता रहता है। इस अस्पताल में जिलेभर के रोगी जांच के लिए आते हैं।
ऐसा कक्ष नहीं जो टपकता ना हो
क्षय रोग चिकित्सालय का भवन 1996 में बना था। चिकित्सालय का एक भी एक कक्ष ऐसा नहीं है जो टपकता नहीं हो। कारण है कि छत निर्माण के दौरान मापदंडों को दरकिनार किया गया। ऐसे में प्लास्टर गिर रहा है।
शुरू भी नहीं हुई कि जंग लग गया
अस्पताल में करीब 12 लाख रुपए की एक्सरे मशीन आए सालभर होने वाला है। ये मशीन तकनीकी कमी के चलते अब तक शुरू नहीं हुई पाई है, लेकिन बरसात के गिरते पानी के चलते ये मशीन जंग खा चुकी है। अब इसे चलाने में परेशानी होगी। अंदर से उपकरण खराब हो चुके हैं। ये चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का आलम है।