
मालपुरा. तीर्थ नगरी डिग्गी में सावन मास के साथ ही पदयात्राओं का आने का क्रम शुरु हो गया है। जयपुर से आने वाली लक्खी पदयात्रा को लेकर जहां प्रशासनिक स्तर पर जिला कलक्टर ने अधिकारियों को अपने-अपने विभाग के कार्य मेले से पूर्व सम्पादित करने के निर्देश दिए गए है, वहीं सानिवि के अभियंता आदेशों की पूर्ति में केवल खानापूर्ति करने में लगे हुए है।
सडक़ के दोनों तरफ उगे बबूलों को नहीं हटाने व मार्ग के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से पदयात्रियों के लिए श्रीजी की राह आसान नहीं है। सावन मास में जयपुर की लक्खी पदयात्रा के अलावा दर्जनों गांवों व अन्य कई जिलों से पदयात्राएं डिग्गी आती है, जो दो माह तक चलती रहती है।
मेले में आने वाले पदयात्रियों की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए मालपुरा से पिनणी होकर डिग्गी जाने वाले मार्ग के जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने पर जिला कलक्टर ने सानिवि के अधिकारियों को सडक़ के क्षतिग्रस्त होने पर उसका पेचवर्क करवाने के निर्देश दिए गए थे।
गत वर्ष आरएसआरडीसी की ओर से बनवाई गई सडक़ जगह-जगह से अभी से ही दरक गई है, जो पदयात्रियों के लिए सुविधा के स्थान पर दुविधा बन गई है। ऐसे में काफी दूर से नंगे पैर आने वाले पदयात्रियों के लिए रोड पर निकली कंक्रिट जख्म दे सकती है।
गौरतलब है कि गत दिनों मुख्यालय पर आयोजित बैठक में जिला कलक्टर रामचन्द्र ढेनवाल ने सानिवि के अधिकारियों को सडक़ के दोनों तरफ उगे बबूलों को हटाने व क्षतिग्रस्त सडक़ों का पेचवर्क करने के मौखिक आदेश दिए थे, लेकिन सानिवि के अधिकारी आंखे मूंदे बैठे हुए है।
श्रीजी के दान पात्र में निकले 27 लाख
मालपुरा. उपखण्ड के डिग्गी स्थित कल्याणजी मन्दिर में लक्खी मेले में आने वाले लाखों यात्रियों के आने से पूर्व श्री कल्याण मन्दिर ट्रस्ट अध्यक्ष अजय कुमार आर्य की देखरेख में मन्दिर ट्रस्ट का दान पात्र खोला गया।
तहसीलदार ओमप्रकाश जैन, कार्यवाहक नायब तहसीलदार सूरजकरण गुर्जर, पटवारी, गिरदावरों व ट्रस्ट सदस्यों की मौजूदगी में दान पात्र खोले गए। इन दान पात्रों में दो पेटी चार माह बाद व एक बड़ी पेटी सात माह बाद खोला गया। दानपात्र में निकली राशि में से 27 लाख 12 हजार 480 रुपए गिने जा चुके है।
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