Year Ender 2025: टोंक जिले में बीता साल कुछ मीठी तो कुछ खट्टी यादें छोड़ गया। 2025 में विकास की कई सौगातें मिली।
टोंक। टोंक जिले में बीता साल कुछ मीठी तो कुछ खट्टी यादें छोड़ गया। 2025 में विकास की कई सौगातें मिली। मानसून के दौरान बीसलपुर बांध में रेकॉर्ड तोड़ पानी ने कई जिलों के लिए आने वाले दिनों की पेयजल की टेंशन दूर कर दी। वहीं, कई हादसे कुछ परिवारों को जीवन भर दर्द दे गए। अब जब 2026 का नया साल दस्तक देने वाला है, तो टोंक जिले के लोग आशा से भरपूर हैं कि यह साल खुशियों और समृद्धि का प्रतीक बने।
राजधानी जयपुर के साथ-साथ अजमेर और टोंक जिले के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले बीसलपुर बांध ने इस बार एक के बाद एक कई महत्वपूर्ण रेकॉर्ड बनाए हैं। इस बार बांध ने पहली बार जुलाई माह में छलकने का रेकॉर्ड तोड़ा, वहीं दूसरी बार सबसे लंबे समय तक पानी की निकासी और सबसे अधिक पानी की आवक के चलते रिकॉर्ड कायम किया।
बीसलपुर बांध के बनने के बाद यह पहली बार हुआ कि लगातार दूसरे वर्ष 24 जुलाई को बांध का जल स्तर 315.50 आर एल मीटर तक पहुंचा और इसके बाद देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर और जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल ने बांध के स्काडा सिस्टम के तहत कंप्यूटर बटन दबाकर गेट संख्या 9 और 10 को आधा-आधा मीटर तक खोलकर बनास नदी में पानी की निकासी शुरू की। इस पानी की निकासी की प्रक्रिया 127 दिन तक जारी रही, जो कि एक नया रेकॉर्ड है। इसके साथ ही बांध से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का सिलसिला भी लगातार दूसरे वर्ष जारी रहा।
बीसलपुर बांध परियोजना के अभियंताओं के अनुसार, इस बार बांध के केचमेंट एरिया से सबसे अधिक पानी की आवक दर्ज की गई। बांध से निकासी, जलापूर्ति, वाष्पीकरण और अन्य कारणों से बांध में इस मानसून सत्र के दौरान कुल 169 टीएमसी पानी की आवक हुई। बीसलपुर बांध के पूर्ण जलभराव पर बांध का गेज 315.50 आर एल मीटर है, जिसमें 38.70 टीएमसी पानी का जलभराव होता है और इससे 21,300 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होती है। खास बात यह है कि 20 दिसंबर तक बांध में पानी की आवक लगातार बनी रही और बांध का गेज बिना घटे पूर्ण जलभराव पर स्थिर रहा। इस बार बांध में जलभराव और पानी की आवक के चलते अगले दो वर्ष तक पेयजल की चिंता दूर हो गई है।
इसी साल 3 अगस्त को ईसरदा बांध का पानी रोककर टेस्टिंग की गई। इसके तहत 28 में से 22 गेट बंद करके पानी रोका और इसकी क्षमता जांची गई। बांध में जल स्तर 250.40 आरएल मीटर तक रखा गया।
निवाई कस्बे के व्यस्ततम झिलाय रोड पर 25 दिसंबर को 46.29 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज की शहरवासियों को सौगात मिली। क्रिसमस डे पर आयोजित लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि जल अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी रहे। चौधरी ने जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के टेंडर शीघ्र लगाकर जिले और प्रदेश के लोगों को पेयजल की समस्या से स्थायी राहत दिलाने का संकल्प दोहराया था। समारोह की अध्यक्षता निवाई विधायक रामसहाय वर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, पालिकाध्यक्ष दिलीप ईसरानी, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष नितिन छाबड़ा, उद्योगपति ओमप्रकाश गुप्ता, पार्षद गिर्राज उपस्थित रहे।
मालपुरा में वर्ष 2025 के बजट में जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी की अनुशंसा पर लांबाहरिसिंह के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत किया गया। वहीं, पचेवर ग्राम पंचायत में नवीन उप तहसील एवं पंचायत समिति बनाए जाने की घोषणा की गई है। मालपुरा शहर में आईटीआई कॉलेज की स्वीकृति की गई जिसके लिए राज्य सरकार की ओर से 21 करोड रुपए का बजट आंवटित किया जाकर राज्य सरकार की ओर से भूमि आवंटन भी की जा चुकी है।
बनास नदी में 10 जून को बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। जयपुर से टोंक आए युवक नदी में नहाने उतर गए और आठ जनों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की नींद खुली और उसने नदियों के आसपास सुरक्षा गार्ड और चेतावनी बोर्ड लगाए। हालांकि इसके बावजूद कई अन्य घटनाएं भी देखने को मिली।
टोंक जिले में सोहेला गोलीकांड पर 3 दिसंबर को फैसला आया। संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को बरी कर दिया गया। सोहेला का मामला काफी चर्चित रहा था।
देवली-उनियारा के उपचुनाव के दौरान समरावता कांड हो गया। इस दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा के समर्थकों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। कई जगह आगजनी हो गई। पुलिस के साथ झड़प में कई जने घायल हो गए। इसके बाद मीणा को पकड़ लिया गया और अदालत ने जेल भेज दिया। जुलाई में मीणा की जमानत हो सकी।