एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी हर किसी की चहेती हैं। इनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है। ये बड़े बड़े स्टार्स के बीच भी महफिल लूट लेती हैं। सीरियल बनूं मैं तेरी दुल्हन से इन्हें पहचान मिली थी। इस सीरियल ने इन्हें खूब बुलंदियों पर पहुंचाया, लेकिन क्या आपको पता है कि यहीं शो उनके लिए रुकावत साबित हो रहा था। एक समय था जब दिव्यांका को शो के बद काम मिलना बंद हो गया था। इसका खुलासा खुद एक्ट्रेस ने किया है।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान दिव्यांका त्रिपाठी ने कहा कि कि मैंने रिजेक्शन को कभी भी रिजेक्शन के तरह नहीं लिया। अगर मैं किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं होती हूं, तो इसका मतलब मैं ये समझती हूं कि मेरे काम की वहां कोई डिमांड नहीं है। हो सकता है कि उन्हें एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत हो, जो मुझसे अलग दिखे या मुझसे अलग परफॉर्म करे, क्योंकि मैं कोई आलू तो हूं नहीं कि हर सब्जी में घुल जाऊं।
आगे उन्होंने कहा कि मेरे अंदर अपनी कुछ खासियत है। कई बार एजेंट्स और कास्टिंग डायरेक्टर बिना सोचे-समझे कोई भी स्क्रिप्ट मुझे भेज देते थे। आपसे उम्मीद की जाती थी कि आप किसी भी स्क्रिप्ट पर एक्ट करें, लेकिन, मैंने कभी रिजेक्शन को खराब तरीके से नहीं लिया।
यह भी पढ़े- आराध्या बच्चन के इस बैग की कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश, लाखों में है इसकी कीमत
दिव्या ने आगे कहा कि बनूं मैं तेरी दुल्हन के बाद एक ऐसी छवि बन गई थी विद्या और दिव्या (दिव्यांका के किरदार) की। इस शो में मुझे तुलसी (क्योंकि सास भी कभी बहू थी) और पार्वती (कहानी घर घर की) की तरह टाइपकास्ट किया गया था। इसके बाद कई शो के मेकर्स ने मुझे कास्ट करना बंद कर दिया था। उनका कहना था आप तुलसी और पार्वती जैसी हो गई हैं, इसलिए हम आपको फिर से कास्ट नहीं कर सकते, कोई आपको नहीं देखेगा।
कई कहते कि तुम भाभी, बहन या बीवी के किरदार मं ही अच्छी लगती हो। मुझे ऐसे ही रोल मिल रहे थे। हां कई बार लगता था कि अपना सामान बांधकर भोपाल वापस लौट जाऊं। लेकिन, कुछ चीज ने मुझे रोके रखा। शायद ये अलौकिक ताकत थी। भगवान मुझे यहां पर चाहते थे।