
उदयपुर। 272 प्लॉट घोटाले में राहत देने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के मामले में एसीबी की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी और उनके कथित दलाल सज्जन सिंह जैन को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को फिर 3 दिन की एसीबी कस्टडी रिमांड पर भेज दिया गया। इसी बीच एसओजी का रीडर जसवंत राव 26 सितंबर के बाद से कार्यालय से गायब है। उसका मोबाइल भी बंद बताया जा रहा है। एसीबी अब उसकी तलाश के साथ उसके घर और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
एसीबी के अनुसार जसवंत राव, एएसपी मुकेश सोनी का करीबी था और 272 प्लॉट घोटाले समेत कई महत्वपूर्ण मामलों की कागजी कार्रवाई उसके जिम्मे रहती थी। एसीबी को आशंका है कि रीडर की गिरफ्तारी होने पर रिश्वत प्रकरण से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं। इसी वजह से उसके घर और अन्य संभावित ठिकानों की तलाशी पर भी फोकस किया जा रहा है।
मामले में शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा ने रीडर जसवंत राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान एसओजी ने उनके घर से सोने के दो बैंगल, सोने की घड़ी, प्लॉट से जुड़े दस्तावेज और डीवीआर जब्त किए थे। आरोप है कि इन सामानों को रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद जब उन्होंने जब्त सामान के बारे में रीडर से पूछा तो उसने एएसपी से बात करने की बात कही। मोगरा का यह भी आरोप है कि रीडर ने उनसे खाली चेक पर हस्ताक्षर करवाए थे। अब एसीबी इन आरोपों की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चेक और कथित तौर पर रिकॉर्ड में नहीं दिखाए गए सामान का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
इस मामले की जांच के लिए जयपुर से एएसपी महावीर सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने मंगलवार को उदयपुर एसीबी कार्यालय पहुंचकर केस से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। इसके बाद मुकेश सोनी और सज्जन सिंह से बंद कमरे में पूछताछ की गई। जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा से भी जानकारी ली।
एसीबी ने कोर्ट में कहा कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज जुटाना और घटनास्थल का मौका मुआयना भी बाकी है। एजेंसी ने मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच की बात भी कही। इन्हीं आधारों पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को तीन दिन की पीसी रिमांड पर भेजा।