उदयपुर

नेपाल हिंसा में उदयपुर के 33 यात्री फंसे, आर्मी ने सुरक्षित पहुंचाया होटल, आज निकलने की संभावना

Nepal Violence: नेपाल में पशुपतिनाथ के दर्शन करने गए उदयपुर जिले के 33 यात्री फंस गए हैं। वे दो दिनों से भारत वापसी के प्रयास में लगे हैं। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने विदेश मंत्रालय को सभी यात्रियों की सूची सौंपी है।

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Sep 11, 2025
Udaipur passengers stranded in Nepal
नेपाल में फंसे उदयपुर के यात्री (फोटो-पत्रिका)

उदयपुर। नेपाल में हिंसक आंदोलन के बीच उदयपुर जिले के 33 यात्री अटके हुए हैं। शहर से पानेरियों की मादड़ी के अलावा जिले में वल्लभनगर, खरसाण क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने मंगलवार सुबह पशुपतिनाथ के दर्शन किए और इसके बाद उन्हें नेपाल के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करना था। लेकिन, हिंसक प्रदर्शन होने की वजह से भ्रमण नहीं कर पाए और उन्हें होटल में ही शरण लेनी पड़ी।

खरसाण के पूर्व सरपंच भगवतीलाल मेनारिया ने बताया कि सभी यात्री होटल में सुरक्षित हैं। माहौल खराब होता देख यात्रियों के दल ने बुधवार वापसी करना तय किया, लेकिन माहौल और ज्यादा खराब होने पर निकल नहीं पाए। नेपाली सेना ने सभी यात्रियों को होटल में सुरक्षित पहुंचाया।

यात्रियों ने भारतीय दूतावास से किया संपर्क

इस दौरान यात्रियों ने भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया। इस दौरान दूतावास की तरफ से जहां हैं, वहीं रहने के लिए कहा गया। आज यानी गुरुवार सुबह सभी यात्रियों के नेपाल से निकलने की संभावना है। बुधवार को उदयपुर जिला प्रशासन ने भी यात्रियों से संपर्क किया।

सांसद ने विदेश मंत्री से किया संपर्क

नेपाल में फंसे जिले के 33 यात्रियों को सुरक्षित लाने के लिए सांसद ने बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्राचार किया। नेपाल में अलग-अलग जगह फंसे उदयपुर के नागरिकों की सुरक्षा और वापसी के इंतजाम का आग्रह किया। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया कि पानेरियों की मादड़ी से यात्रा पर गए 33 जनों के नेपाल में फंसे होने की जानकारी मिली।

अन्य यात्रियों की जुटाई जा रही जानकारी

मंत्रालय को यात्रियों की सूची उपलब्ध करवाई गई है। इस पर विदेश मंत्रालय ने सभी को सुरक्षित भारत लाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इनके अलावा भी उदयपुर के कुछ और लोगों के नेपाल में फंसे होने की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए हेल्प सेंटर भी बनाए गए हैं।

Published on:
11 Sept 2025 06:59 am