
उदयपुर: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की उदयपुर टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कृषि उपज मंडी सवीना के कार्मिक मनोहरलाल को 24 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कार्मिक कृषि उपज मंडी में व्यापारियों को जांच और चालान का डर दिखाकर परेशान कर रहा था तथा उनसे मासिक बंधी के रूप में अवैध राशि की मांग कर रहा था।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक पीड़ित व्यापारी ने एसीबी उदयपुर में आरोपी कार्मिक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता व्यापारी कलड़वास क्षेत्र में आटा मिल का संचालन करता है और कृषि उपज मंडी सवीना से गेहूं की नियमित खरीद करता है।
व्यापारी का आरोप है कि आरोपी मनोहरलाल मार्च महीने से ही गेहूं से भरे उसके और अन्य व्यापारियों के ट्रैक्टरों को रास्ते में रोक लेता था। वह जांच के नाम पर तुरंत खरीद के बिल पेश करने का दबाव बनाता था। यदि बिल की प्रति तत्काल उपलब्ध नहीं कराई जाती, तो चालान बनाने और भारी पेनल्टी लगाने की धमकी देकर परेशान करता था।
व्यापारी द्वारा राहत मांगने पर आरोपी मनोहरलाल ने नियमित रूप से ट्रैक्टरों की जांच न करने, चालान न बनाने और पेनाल्टी से छूट देने के एवज में 'मासिक बंधी' तय करने को कहा। आरोपी ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की अवधि के लिए कुल 65 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। इसके अलावा, उसने अप्रैल से जुलाई तक के चार महीनों की एवज में भी अलग से रिश्वत राशि मांगी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने गोपनीय तरीके से रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन में आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि होते ही एसीबी टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। बुधवार को जैसे ही आरोपी ने व्यापारी से 24 हजार रुपए की रिश्वत राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा।
यह सफल कार्रवाई एसीबी उदयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण तथा एएसपी अनन्त कुमार के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक रामसुमेर मीणा एवं उनकी टीम द्वारा की गई। वर्तमान में एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता, अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के पर्यवेक्षण में गिरफ्तार आरोपी मनोहरलाल से पूछताछ की गई। एसीबी उसके अन्य ठिकानों और मंडी में उसके द्वारा किए गए संभावित भ्रष्टाचार के मामलों की भी जांच कर रही है।