उदयपुर

Rajasthan: शादी के बाद बॉयफ्रेंड संग भागी बेटी, आहत पिता ने जिंदा रहते बेटी का किया मृत्युभोज, इलाके में चर्चा

राजस्थान के उदयपुर जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक पिता ने अपनी बेटी का जिंदा रहते मृत्युभोज कर दिया। बेटी शादी के बाद अपने पुराने आशिक के साथ फरार हो गई थी।
2 min read
Feb 06, 2026
Udaipur
प्रतीकात्मक फोटो-एआई जेनरेटेड

उदयपुर। शादी के महज दो महीने बाद प्रेमी के साथ भागी बेटी से आहत होकर उदयपुर के एक पिता ने ऐसा कठोर फैसला लिया जिसने पूरे इलाके को चौंका दिया। उन्होंने न केवल सार्वजनिक रूप से बेटी को 'मृत' घोषित कर दिया, बल्कि पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसका मृत्युभोज भी कर दिया और उसे अपनी संपत्ति की वसीयत से बेदखल करने की घोषणा कर दी। यह पूरा मामला प्रतापनगर थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है, जहां यह पारिवारिक विवाद अब सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।

परिवार के अनुसार, करीब दो महीने पहले बेटी की शादी समाज के ही एक युवक से पूरे रीति-रिवाजों के साथ की गई थी। शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन 23 जनवरी को बेटी अचानक अपने ससुराल से गायब हो गई। बाद में जानकारी मिली कि वह अपने पुराने प्रेमी के साथ चली गई है। यह बात जब पिता और परिवार को पता चली तो वे स्तब्ध रह गए और उन्होंने बेटी को वापस लाने का प्रयास शुरू किया।

परिवार से संबंध नहीं चाहती थी बेटी

पिता ने पुलिस की मदद ली और 28 जनवरी को बेटी का पता लगाया। इसके बाद उन्होंने दो दिनों तक उससे बातचीत की और घर लौटने के लिए मनाने की कोशिश की। परिवार ने भावनात्मक रूप से समझाया, सामाजिक मर्यादाओं का हवाला दिया और भविष्य की दुहाई भी दी, लेकिन बेटी अपने फैसले पर अडिग रही। उसने स्पष्ट कह दिया कि वह अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है और परिवार से कोई संबंध नहीं रखना चाहती।

पिता ने लिया कठोर निर्णय

इस जिद और साफ इनकार से आहत होकर पिता ने अत्यंत कठोर निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जिस बेटी ने परिवार को त्याग दिया, वह उनके लिए अब जीवित नहीं है। इसके बाद गांव के रीति-रिवाजों के अनुसार उन्होंने 'गौरणी धूप दस्तूर' यानी मृत्युभोज का आयोजन किया, जैसा किसी व्यक्ति की मृत्यु पर किया जाता है। इसमें रिश्तेदारों और समाज के लोगों को बुलाया गया और पारंपरिक कर्मकांड पूरे किए गए।

वसीयत से भी बाहर करने की घोषणा

पिता ने यह भी घोषणा की कि वह अपनी बेटी को अपनी संपत्ति की वसीयत से पूरी तरह बाहर कर देंगे और भविष्य में उससे कोई संबंध नहीं रखेंगे। उनका कहना है कि यह निर्णय भावनात्मक पीड़ा और सामाजिक अपमान के कारण लिया गया है।

इलाके में चर्चा का विषय बना मामला

इस घटना ने समाज में परंपरा, परिवार, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और रिश्तों की सीमाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जहां कुछ लोग पिता के कदम को कठोर मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे सामाजिक अनुशासन की प्रतिक्रिया बता रहे हैं। मामले में फिलहाल कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन यह पारिवारिक विवाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

Updated on:
06 Feb 2026 07:09 pm
Published on:
06 Feb 2026 07:09 pm