Ahmedabad Plane Crash : अहमदाबाद विमान हादसे में उदयपुर जिले के निवासी वरदीचंद मेनारिया का शव रविवार सुबह गांव रूण्डेड़ा पहुंचा। जिसके बाद बेटे दिनेश और दीपक ने पिता को मुखाग्नि दी। गांव की गलियों में सन्नाटा और हर चेहरे पर गहरी पीड़ा थी झलक रही थी।
Ahmedabad Plane Crash : अहमदाबाद विमान हादसे में हताहत लोगों के गमगीन परिवारों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। डीएनए मैपिंग के बाद शव सौंपे जाने की प्रक्रिया शनिवार को की गई। पहली सूची में ही उदयपुर के वरदीचंद, मार्बल उद्यमी के बेटे-बेटी शुभ-शगुन के नाम थे। उदयपुर जिले के निवासी वरदीचंद मेनारिया का शव रविवार सुबह गांव रूण्डेड़ा पहुंचा। सुबह 7.30 बजे एम्बुलेंस जैसे ही गांव में दाखिल हुई, रोते-बिलखते परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। घर के बाहर लोगों की आंखें नम थीं, माहौल गमगीन हो गया। बेटे दिनेश और दीपक ने पिता को मुखाग्नि दी। 8.15 बजे अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की गई। गांव की गलियों में सन्नाटा और हर चेहरे पर गहरी पीड़ा थी। 12 जून को अहमदाबाद विमान हादसे में राजस्थान के 14 लोगों की मौत हुई थी।
अहमदाबाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में शव लाया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। वरदीचंद मेनारिया के भाई भगवान मेनारिया ने बताया कि बेटे ने सिविल हॉस्पिटल में डीएनए मैपिंग के लिए सैंपल गुरुवार दोपहर में ही दे दिया था। ऐसे में पहली सूची में ही उनका नाम दर्ज था। लिहाजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार रात करीब 12 बजे परिजन शव लेकर अहमदाबाद से रवाना हो गए थे।
इधर, मार्बल उद्यमी के बेटे-बेटी शुभ-शगुन के शव की भी पहचान हो गई। प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही शव शनिवार रात को सौंपे जाने थे, लेकिन परिजनों ने अंतिम क्रियाकर्म को ध्यान में रखते हुए शव रविवार को ही लेना तय किया है। करीबी रिश्तेदारों ने बताया कि परिवार के सदस्य अहमदाबाद में ही होने से शुभ-शगुन की अंत्येष्टि भी वहीं करना तय किया।
बताया गया कि रोहिड़ा निवासी प्रकाश मेनारिया के परिजनों की ओर से डीएनए जांच के लिए सेंपल देने में कुछ देरी हुई। ऐसे में पहली सूची में उनका नाम नहीं आ पाया। अब रविवार को होने वाली प्रक्रिया में उनका नाम शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में रविवार रात को शव मिलने की स्थिति में सोमवार को गांव पहुंचने की संभावना है।
विमान हादसा राष्ट्रीय त्रासदी होने से मृतकों के शव लाए जाने से लेकर अंतिम संस्कार तक पुलिस-प्रशासन की नजर रहेगी।