
प्लेन हादसे में जान गवांने वाले वरदीचंद मेनारिया ( फोटो- पत्रिका)
Ahmedabad plane crash: उदयपुर। अहमदाबाद प्लेन क्रैश में राजस्थान के 12 लोगों ने जान गवांई है। इधर एक मृतक वरदीचंद के घर में पोती ने जन्म लिया है। वरदीचंद के घर पोती का जन्म होने वाला था, ऐसे में वे लंदन जाना नहीं चाह रहे थे। लेकिन काम के सिलसिले में मजबूर होकर वे घर से निकले और कुछ ही घंटे बाद घर में मौत की खबर आई। वरदीचंद पोते को देखने के लिए 15 दिन पहले घर आए थे।
उदयपुर के रूहेड़ा गांव के रहने वाले वरदीचंद मेनारिया अब एक ऐसी दास्तान के किरदार बन गए हैं, जिनके घर जिंदगी और मौत के फासले में कुछ ही घंटे का अंतर रहा। अहमदाबाद प्लेन हादसे में उनकी जान चली गई और पोती को देखने का उनका सपना भी अधूरा रह गया।
इस हादसे के बारे में बताते हुए उनके भाई भगवान मेनारिया की आंखें भर आई। उन्होंने बताया कि वे घर से जाना नहीं चाहते थे, क्योंकि उनके घर बच्चे का जन्म होने वाला था। पोते को देखने के लिए 15 दिन पहले ही घर आए थे। लेकिन काम की मजबूरी में घर से लंदन के लिए निकले थे।
वरदीचंद ने कहा था कि वे 20 जून को लंदन से लौट आएंगे, उनको पोती को देखने की बड़ी तमन्ना है, लेकिन किसे मालूम था कि यह यात्रा उनकी अंतिम यात्रा बन जाएगी। हादसे के चंद घंटे बाद ही उनकी बहू ने अहमदाबाद में एक बच्ची को जन्म दिया। दादा के जाने के ठीक बाद बाद पोती घर आई है।
एक तरफ जहां घर में मातम था, वहीं जन्म की किलकारी भी है। रात साढ़े आठ बजे के करीब बहू ने बेटी को जन्म दिया। कुछ दिन पहले ही छोटी बहू ने बेटे को जन्म दिया था। जिसको देखने के लिए वरदीचंद 15 दिन पहले घर आए थे। वरदीचंद का शव अभी घर भी नहीं पहुंचा है।
हवाई जहाज में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा जिस मेडिकल हॉस्टल से प्लेन टकराया वहां के कई डॉक्टरों की भी मौत हुई है, वहीं कई घायल हैं। इस हादसे में राजस्थान के 12 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में बांसवाड़ा के डॉक्टर दंपति और उनके तीन बच्चों समेत कुल 5 लोगों की मौत हुई है। वहीं उदयपुर के भी 5 लोगों की मौत हुई है, जिनमें वरदीचंद मेनारिया भी शामिल हैं। इसके अलावा बीकानेर और बालोतरा के एक-एक लोगों की मौत हुई है। वरदीचंद मेनारिया लंदन में सेफ का काम करते थे।
गुजरात प्लेन हादसे में मृतकों के शवों का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। क्योंकि शव इतनी बुरी तरह से जल गए हैं, कि उनकी पहचान करना मुश्किल है। ऐसे में शवों का डीएनए टेस्ट कराकर परिजनों को सौंपा जाएगा। इस हादसे में राजस्थान के कुल 6 परिवारों के 12 लोगों ने जान गवांई है।
Updated on:
13 Jun 2025, 3:40 PM IST
Published on:
13 Jun 2025, 3:40 PM IST
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