
उदयपुर। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक और नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के मुताबिक सिया फरवरी में सगाई से पहले चेतन के साथ दोस्तों के समूह में उदयपुर घूमने आई थी और दोनों पांच दिन राजस्थान में रुके थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि राजस्थान में दोनों कहां-कहां पर घूमने गए और कहां-कहां रूके थे। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है राजस्थान में दोनों के बीच क्या-क्या बातचीत हुई? क्या राजस्थान में ही हत्या की साजिश रची गई। इसके लिए ट्रिप का रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य और दोनों के बीच हुई बातचीत की जांच की जा रही है।
इधर, केतन हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी चेतन चौधरी का संबंध जोधपुर जिले की लूणी पंचायत समिति के पालासी गांव से होने की जानकारी सामने आने के बाद पूरे गांव में हैरानी और सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार चेतन चार बहनों का इकलौता भाई है। उसका जन्म और पालन-पोषण पुणे में ही हुआ। उसके पिता 35 वर्षों से पुणे में व्यवसाय कर रहे हैं, लेकिन गांव से उनका सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव लगातार बना हुआ है। कुछ दोस्तों का दावा है कि वह कुछ समय पहले सिया गोयल के साथ जोधपुर आया था। दोनों ने मेहरानगढ़ किले का भी भ्रमण किया था।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सिया गोयल ने बताया कि वह केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। उसका मानना था कि केतन की मौत हो जाती है तो उसे शादी का फैसला टालने के लिए कम से कम तीन साल का समय मिल जाएगा। पुलिस को संदेह है कि कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने भी सिया से शादी के लिए दो-तीन साल का समय मांगा था। जांच में सामने आया है कि अरेंज मैरिज टूटने पर बदनामी के डर से दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
चेतन की पहली मुलाकात सिया के बड़े भाई साहिल के जरिए हुई थी। दोनों साथ में क्रिकेट खेलते थे और सिया कई बार भाई के साथ मैच देखने जाती थी। बाद में 2025 में एक कॉमन फ्रेंड की दिवाली पार्टी में दोनों फिर मिले और बातचीत बढ़ने लगी। इसके बाद दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। इसी बीच घरवालों ने सिया की सगाई कर दी। लेकिन, सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी और ना ही चेतन के साथ भागकर शादी करने को राजी थी। ऐसे में दोनों ने केतन को मारने का प्लान बनाया था।