
डॉ सुशील सिंह चौहान/ उदयपुर . हजारों रुपए के मासिक अनुबंध पर लगे सेवानिवृत्त प्राध्यापकों के मामले में नवानिया स्थित पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान राजकीय महाविद्यालय में मनमानी सामने आई है। नियमित प्राध्यापकों के मुकाबले में मानदेय लेने वाले इन प्राध्यापकों की महाविद्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही है, वहीं इनके पास विद्यार्थियों को अध्यापन कार्य से जुड़ी जिम्मेदारी भी नहीं है।
दूसरी ओर बीकानेर स्थित पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजूवास) में सेवानिवृत्त प्राध्यापकों की नियमित बायोमेट्रिक हाजरी लेने के नियम की पालना हो रही है। गौरतलब है कि राजकीय महाविद्यालय, नवानिया में वर्तमान में 5 से अधिक प्राध्यापक सेवानिवृत्ति के बाद अनुबंध पर मासिक मानदेय पर कार्य कर रहे हैं।
महाविद्यालय प्रशासन की ओर से सेवानिवृत्त प्राध्यापकों को मासिक 47 हजार रुपए के करीब मानदेय दिया जा रहा है। राज्यपाल के आदेश के अनुसार विशेष मानदेय लेने वाले कर्मचारी/ अधिकारी को सेवाएं देने के साथ बायोमेट्रिक हाजरी देनी होगी। इन प्राध्यापकों के महाविद्यालय में आने और जाने का समय रजिस्टर एवं बायोमेट्रिक में मर्ज नहीं किया जाता। एक प्राध्यापक को महज छात्रावास प्रभारी की जिम्मेदारी दी हुई है। राजस्थान पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि संविदा पर लगाए गए अधिकतर कर्मचारी ड्यूटी पर देरी से पहुंचते हैं, जबकि अधिकतर मौकों पर समय से पहले कॉलेज छोड़ दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि उदयपुर स्थित अन्य राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सेवानिवृत्त प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था लागू नहीं है।
नहीं होती हाजरी
महाविद्यालय में अनुबंध पर लगाए हुए सेवानिवृत्त प्राध्यापकों की बायोमेट्रिक हाजरी नहीं होती है। यह व्यवस्था मेरे कार्यभार संभालने के पहले से लागू है। मैंने पुरानी व्यवस्था में कोई फेरबदल नहीं किया।
डॉ. सी.एस. वैष्णव, डीन, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, नवानिया
लागू है बायोमेट्रिक
विवि के अधीन सेवानिवृत्त प्राध्यापकों के लिए नियमित स्टाफ की ही तरह बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य है। महाविद्यालय में नियम लागू क्यों नहीं हैं, इसकी जानकारी स्थानीय डीन ही दे सकते हैं।
डॉ. हेमंत दाधीच, रजिस्ट्रार, बीकानेर राजूवास