Government Portal Data Leak: देवस्थान विभाग साइबर ठगों की राह आसान कर रहा है। विभाग के पास प्रदेशभर के सभी ट्रस्ट के पंजीयन का काम भी हैं। एक तकनीकी लापरवाही के चलते विभाग ने 2024 से अब तक पंजीयन के लिए आवेदन का संपूर्ण डेटा पब्लिक डोमेन में डाल दिया है।
Government Portal Data Leak: देवस्थान विभाग साइबर ठगों की राह आसान कर रहा है। विभाग के पास प्रदेशभर के सभी ट्रस्ट के पंजीयन का काम भी हैं। एक तकनीकी लापरवाही के चलते विभाग ने 2024 से अब तक पंजीयन के लिए आवेदन का संपूर्ण डेटा पब्लिक डोमेन में डाल दिया है। इसमें उनके बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर और रजिस्ट्री के कागज सहित कई ऐसी चीजे हैं जिसका ठगी सहित अन्य कार्यों में दुरुपयोग किया जा सकता है। कई आवेदनकर्ताओं से भी जब पत्रिका ने संपर्क किया तो उन्होंने भी इस पर अचरज जताया।
किसी भी ट्रस्ट के ऐसे दस्तावेज आरटीआइ में भी आवेदन करने से भी विभाग दूसरे पक्ष को उपलब्ध नहीं कराता। यहां इसे व्यक्तिगत या गोपनीय सूचना बताकर आवेदन खारिज कर दिया जाता है। वहीं वेबसाइट पर 10 अप्रैल 2024 की ऐसी सूचनाएं आवेदन के साथ दिख रही है।
वेबसाइट पर ट्रस्ट के बैंक खातों और आवेदन के समय दिए गए निजी खातों की पूरी डिटेल है। खातों को ऑपरेट करने वाले ट्रस्ट के सदस्य और व्यक्तियों के स्पेसीमैन साइन, आधार और पेन कार्ड सहित सभी जरूरी दस्तावेज भी हैं। इनके जरिए कोई भी ठग इन जानकारियों और दस्तावेज का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग कर सकता है।
आमतौर पर ऐसी विभागीय वेबसाइट में आवेदन का स्टेटस देखने के लिए अस्थाई लॉगिन क्रिएट करने के बाद भी यूजर को सिर्फ उसके आवेदन का स्टेटस दिखने की व्यवस्था रहती है। यह व्यवस्था जेडीए से लेकर RPSC या कर्मचारी चयन बोर्ड तक आवेदन की संभावना वाली जगह रहती है। पर देवस्थान विभाग की वेबसाइट में यह व्यवस्था नहीं है, यहां सीधे ही दो साल के साढ़े चार हजार से ज्यादा आवेदन का डेटा दिख रहा है।
ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन के लिए आनलाइन प्रक्रिया वो साल पहले ही शुरू हुई थी। शुरुआती गाइडलाइन के अनुसार पोर्टल तैयार हुआ, जिसमें आवेदनकर्ताओं की सारी डिटेल पब्लिक डॉमिन में होती है। हालांकि यह बात सही है कि सारी जानकारी सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए। इसको लेकर नया पोर्टल डिजाइन कर रहे हैं, जिसमें गोपनीय रखने योग्य जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी।