यह संकट केवल रसोई तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के परिवहन पर भी असर पड़ सकता है। जयपुर में दो से तीन हजार एलपीजी ऑटो चलते हैं। इसके अलावा एलपीजी से चलने वाली कारें और वैन भी प्रभावित होंगी। इनमें से कई स्कूलों में लगी हैं, जिससे परीक्षाओं के दौर में छात्रों को परेशानी हो सकती है।