उदयपुर

उदयपुर: ममता चपलोत के नगर पालिका अध्यक्ष बनते ही पति गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

Rajasthan Politics: फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका में ममता चपलोत ने 14 वोट लेकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। जीत के तुरंत बाद उनके पति राजेश चपलोत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद पालिका परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
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Sep 22, 2026
udaipur mamta controversy
उदयपुर में ममता चपलोत के पति राजेश चपलोत गिरफ्तार

उदयपुर. फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के बहुमत के बावजूद निर्दलीय ममता चपलोत ने जीत दर्ज कर सियासी समीकरण बदल दिए। ममता को 14 वोट मिले, जबकि भाजपा की सीमा सोनी के पक्ष में सिर्फ 11 वोट आए। इधर ममता अध्यक्ष बनी और उधर उनके पति, भाजपा के बागी पार्षद और पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेश चपलोत को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद पालिका परिसर में काफी देर हंगामा देखने को मिला।

बीजेपी के पास बहुमत होने के बाद भी पालिका में ऐसे हुआ खेल

उदयपुर की फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका में भाजपा के पास 13 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत था, जबकि कांग्रेस के 12 पार्षद थे। इसके बावजूद अध्यक्ष पद के चुनाव में पूरा समीकरण बदल गया। भाजपा के बागी पार्षद राजेश चपलोत ने अपनी पत्नी ममता चपलोत को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा था। नगरपालिका के अध्यक्ष पद के चुनाव में नाम वापसी के अंतिम दिन में कांग्रेस प्रत्याशी ने अपना पर्चा वापस ले लिया था और कांग्रेस की तरफ से ममता को समर्थन दिया गया। इस वजह से पूरा समीकरण बदल गया और बीजेपी के पास बहुमत होने के बाद भी नहीं जीत पाई।

अध्यक्ष बनीं पत्नी, उधर पुलिस ने पति को लिया हिरासत में

मतदान के तुरंत बाद पुलिस ने राजेश चपलोत और भाजपा पार्षद बाबूलाल चोपड़ा को हिरासत में ले लिया। बाद में राजेश चपलोत को उदयपुर के अंबामाता थाने ले जाया गया। इसकी जानकारी मिलते ही उनके परिवार के लोग और कई कांग्रेस नेता थाने पहुंच गए। कांग्रेस के कई नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर खूब नारेबाजी भी हुई।

जमीन विवाद के मामले में कार्रवाई का दावा

राजेश चपलोत को पुलिस ने जमीन से जुड़े विवाद के एक मामले में गिरफ्तार किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में कमलेश यादव की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की। शिकायत में आरोप है कि 14 सितंबर 2026 को राजेश चपलोत उनके घर गए और उन्हें धमकी देकर आए थे। हालांकि, चपलोत के परिवार ने इस आरोप पर सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि जिस दिन की घटना एफआईआर में बताई गई है, उस दिन राजेश चुनाव से जुड़ी गतिविधियों में व्यस्त थे। उनके बेटे ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस से एफआईआर की सत्यापित कॉपी मांगी गई, लेकिन उन्हें कॉपी नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि राजेश का मोबाइल फोन भी पुलिस के पास है।

चुनाव से पहले भी चपलोत परिवार से जुड़े मामले चर्चा में थे

अध्यक्ष चुनाव से कुछ दिन पहले राजेश चपलोत की संपत्तियों को लेकर भी प्रशासन की कार्रवाई सामने आई थी। फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका ने उनकी होटल देवीलीला पैलेस के निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया था। इसके बाद उदयपुर में उनके मकान को लेकर भी उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की ओर से नोटिस दिए जाने की बात सामने आई। यह पूरा मामला उस समय सामने आया, जब उनकी पत्नी ममता चपलोत अध्यक्ष पद का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ रही थीं। अब चुनाव में ममता की जीत और इसके तुरंत बाद राजेश चपलोत की गिरफ्तारी से यह पूरा घटनाक्रम चर्चा में आ गया है।