उदयपुर . झीलों की नगरी में इन दिनों उत्सवों का दौर जारी है।
उदयपुर . झीलों की नगरी में इन दिनों उत्सवों का दौर जारी है। फतहसागर झील के रानी रोड वाले छोर पर स्थित शिल्पग्राम में गत कुछ दिनों से लोक कलाओं एवं हस्तशिल्प का मेला भरा है। झीलों एवं जलाशयों के किनारे पक्षी प्रेमियों का मेला समाप्त होते ही फतहसागर की पाल पर सोमवार से फूलों की महक पर्यटकों और शहरवासियों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही है।
पर्यटन सीजन में शहर में शिल्पग्राम, मोतीमगरी, नीमज माता, सहेलियों की बाड़ी, फतहसागर और फिश एक्वेरियम आने वाले पर्यटक फूलों की निहारने एवं उनकी महक पाने को सीधे पाल पर लगी प्रदर्शनी में पहुंच रहे है। शाम को बड़ी संख्या में पर्यटकों ने फूलों के साथ अपनी सेल्फी ली तथा पाल पर पूरी प्रदर्शनी देखी। दोपहर में गुजरात व मध्यप्रदेश के राज्यपाल ओपी कोहली ने पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने फीता काटने के बाद गोल्फ कार्ट में रोड पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यूआईटी के चेयरमैन रवीन्द्र श्रीमाली ने राज्यपाल को फूलों की प्रदर्शनी में नर्सरी से लाए अलग-अलग प्रजातियों के पौधों और बच्चों को नि:शुल्क पौध वितरण की जानकारी दी। राज्यपाल ने प्रदर्शनी का सराहा। इससे पूर्व चेयरमैन श्रीमाली व जिला कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक ने राज्यपाल का स्वागत किया।
उद्यान विशेषज्ञ सुबोध लोढ़ा की ओर से बनाया गया फूलों का डोम एवं नगर विकास प्रन्यास की ओर से प्रदर्शित तितली संग फूलों की सजावट (बटरफ्लाई) खास आकर्षण का केन्द्र रही। इस अवसर पर यूआईटी के अधीक्षण अभियन्ता संजीव शर्मा, अधिशासी अभियन्ता मुकेश जानी सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
कई नर्सरियों की भागीदारी
प्रन्यास सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि जिला प्रशासन व यूआईटी की ओर से लगाई प्रदर्शनी में शहर के बड़े औद्योगिक संस्थानों, होटल समूह, शैक्षणिक संस्थानों, नगर निगम, उद्यान विभाग एवं पुलिस विभाग भी भागीदारी निभा रहे है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान बच्चों को लगभग दस हजार पौधे निशुल्क वितरित किए जाएंगे। प्रभारी बी.एल. कोठारी ने बताया कि प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार की पोनसेटिया, गुलदाउदी, ग्राफ्टेड केक्टस, पिटूनिया, डायन्थस, पेन्जी, छोटे गुलाब, लिलियम, एन्थूरियम, सकूलेन्ट, सजावटी गौभी, इम्पेशियन, जरबेरा, हाईब्रिड गुडहल, बोनसाई प्लान्ट आदि प्रदर्शित किए गए हैं।