उदयपुर

राजस्थान के भाइयों का अनूठा इनोवेशन: फोटो-वीडियो देखकर AI बता रहा सटीक लोकेशन, फ्री में कर सकते हैं यूज

Unique AI Innovation In Rajasthan: यह एआई आधारित जियो-लोकेशन इंटेलिजेंस सिस्टम पर आधारित है, जो बिना जीपीएस या मेटाडेटा के एकदम सटीक लोकेशन बताता है। यह एआई टूल उपयोग में लेने में एकदम आसान है।

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Apr 27, 2026
संतोष कुमार और किरण सिंह की फोटो: पत्रिका

AI Software For Location Tracking: उदयपुर/जालोर के दो भाइयों किरण सिंह (24) और संतोष कुमार (21) ने एक ऐसा एआई सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जो दुनिया के किसी भी वीडियो, फोटो या स्क्रीनशॉट से उस जगह की लोकेशन बता देता है।

यह एआई आधारित जियो-लोकेशन इंटेलिजेंस सिस्टम पर आधारित है, जो बिना जीपीएस या मेटाडेटा के एकदम सटीक लोकेशन बताता है। यह एआई टूल उपयोग में लेने में एकदम आसान है।

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जालोर जिले के सायला निवासी ये दोनों भाई बीसीए ग्रेजुएट हैं और साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर हैं। वे आईबीएम, एपल और नासा के लिए भी काम कर रहे हैं। उन्होंने अभी इसे मिलिट्री इंटेलिजेंस को फ्री उपयोग के लिए दिया है।

यह आतंकी या संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में अत्यंत प्रभावी हो सकता है। फिलहाल इसका उपयोग आम लोग नहीं कर पाएंगे। केरल पुलिस ने भी इसे काम में लेने का प्रस्ताव दिया है।

ऐसे करता है काम

यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), मशीन लर्निंग (एमएल) और जटिल कंप्यूटर विज़न एल्गोरिद्म का उपयोग करता है। यह किसी इमेज के विजुअल एलिमेंट—जैसे इमारतें, भूभाग, छाया और पैटर्न—का विश्लेषण करता है, फिर उन्हें वैश्विक भौगोलिक डेटा से मिलाकर सटीक लोकेशन का पता लगाता है।

इसके लिए सिर्फ इमेज अपलोड करनी होती है। कुछ सेकंड में ही आपके सामने सटीक लोकेशन, सैटेलाइट विजुअलाइजेशन और प्रोफेशनल एआइ रिपोर्ट सामने आ जाती है।

इसलिए यह ज्यादा प्रभावी

यह पारंपरिक तरीकों से अलग है, क्योंकि यह केवल विजुअल इंटेलिजेंस पर आधारित होता है। इसी कारण यह छिपाए गए या मैनिपुलेटेड मीडिया की भी प्रभावी जांच करने में सक्षम होता है।

यहां हो रहा है उपयोग

  • सैन्य खुफिया और रणनीतिक विश्लेषण
  • कानून प्रवर्तन और आपराधिक जांच
  • आतंकवाद-रोधी कार्यवाही और खतरे का विश्लेषण
  • ओपन सोर्स इंटेलिजेंस और डिजिटल फॉरेंसिक
  • आपदा प्रतिक्रिया और बचाव कार्य
  • फर्जी सामग्री/भ्रामक जानकारी का सत्यापन

मोबाइल ऐप भी बनाया

दोनों भाइयों ने 'ट्रेस एक्स' नाम का एक मोबाइल ऐप भी बनाया है, जो फ्री मोबाइल सिक्योरिटी देता है। इससे फिशिंग, क्यूआर कोड और एपीके फाइल से होने वाले साइबर क्राइम रोके जा सकते हैं। दोनों भाई अभी पिता के साथ केरल के कासरगोड में रहते हैं। पिता की यहां इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है।

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Published on:
27 Apr 2026 08:54 am
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