उदयपुर

उदयपुर की इस कंपनी पर बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर धोखाधड़ी का आरोप

उदयपुर . एक ग्रामीण ने बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाने व रुपए हड़पकर धोखाधड़ी का मामला हिरणमगरी थाने में दर्ज कराया।

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Feb 21, 2018
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उदयपुर . ग्लेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ एक ग्रामीण ने बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाने व रुपए हड़पकर धोखाधड़ी का मामला हिरणमगरी थाने में दर्ज कराया।
थानाधिकारी जितेन्द्र आंचलिया ने बताया कि देवीलाल कीर ने ग्लेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दी। बताया कि दोस्त कन्हैयालाल कीर ने उसे ग्लेज इंडिया कंपनी द्वारा बेरोजगारों को अच्छी तनख्वाह के साथ नौकरी देने की सूचना देते हुए उदयपुर बुलाया। वह रजामंद हुआ तो दोस्त ने उसे साथ में सिक्यूरिटी मनी के 16500 रुपए लाने के लिए कहा।

10 फरवरी को वह पैसे लेकर उदयपुर पहुंचा, कन्हैयालाल को फोन करने पर उसने सविना बुलाया वहां दोस्त की जगह कंपनी का कोई नारायणलाल मिला, वह उसे कंपनी की सविना शाखा सविना ले गया। वहां पहले से कुछ युवकों के साथ कन्हैयालाल बैठा था। उसने उसे देखते ही कहा कि तू यहां क्यूं आया, इन लोगों ने मुझे डरा धमकाकर तुझे यहां बुलवाने के लिए फोन करवाया था।


जैसे-तैसे भागा गांव
परिवादी का कहना है कि आरोपितों ने उसे परिचतों को फोन लगवाकर बुलाने को कहा, मना किया तो आरोपित उसे सेक्टर-12 अन्य कार्यालय ले गए। वहां ट्रेनिंग का झांसा दिया और कहा कि एक किट देगें जिसे तुम्हे दूसरे लोगों को बेचना है और नए आदमियों को चेन सिस्टम बनाना है। वहां कार्यालय में निम्बाराम व दरबारा सिंह भी मिले जो स्वयं को वरिष्ठ व मुख्य प्रबंधक बताते हुए निर्देश दे रहे थे। परिवादी का कहना हे कि आरोपितों ने उसे तीन दिन तक बंधक रखा, जैसे तैसे वह अपने गांव पहुंचा। उसका कहना है कि कंपनी नौकरी देने के बहाने सैकड़ों से करोड़ों रुपए की ठगी की जा रही है। पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।


बंधक बनाकर रिश्तेदारों की बनवाते ही सूची
कन्हैयालाल ने परिवादी को बताया कि आरोपित यहां जबरन कमरे में बंधक बनाकर परिचितों को फोन कर बुलवाते हैं। यहां पहुंचने वाले को वे जबरन नेटवर्किंग मार्केटिंग का सदस्य बनाकर अपने जान- पहचान रिश्तेदारों व दोस्तों को नाम व मोबाइल नम्बर को एक डायरी में लिखने का दबाव बनाते हैं।

आरोपित में शामिल नारायणलाल ने भी देवीलाल कीर को कमरे में बंद कर उसी तरह का काम करवया और उसके पास रखे 16500 रुपए ले लिए। फोन छीनते हुए घर पर भी बात नहीं करने दी। परिवादी ने आरोप लगाया कि कंपनी के सीनियर कैलाशचन्द्र लोहार, गजेन्द्रसिंह व नारायण ने कन्हैयालाल की तरह ही उसे भी कमरे में बंदी बनाकर रखते हुए रजिस्टर देकर दो सौ परिचितों के नाम व मोबाइल नम्बर लिखवाया।

Published on:
21 Feb 2018 03:16 pm