
भुवनेश पंड्या/उदयपुर. भारतीय प्रबंधन संस्थान उदयपुर (आईआईएम-यू) ने न सिर्फ देश, वरन विदेशों में भी अपनी धमक-चमक बिखेरना शुरू किया है। शुरुआत से अब तक न केवल देश की ख्यात, बल्कि विदेशों की बड़ी कंपनियों में अपने विद्यार्थियों का प्लेसमेंट करवाया है। संस्थान इंडियन प्लेसमेंट रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (आईपीआरएस) के मापदण्डों के अनुसार विद्यार्थियों को लाखों रुपए के सालाना पैकेज दिलवा रहा है। वर्ष 2011 के पहले बैच में 4 लाख से शुरू कर अब तक वार्षिक 21 लाख के पैकेज तक विद्यार्थियों को पहुंचा चुका है। दावा किया जा रहा है कि ऐसा कोई सेक्टर नहीं बचा है जिसमें यहां के विद्यार्थी खुद को साबित नहीं कर पाए हों। कन्ज्यूमर गुड्स, कंसल्टिंग, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, बैंक, फाइनेंस, इंश्योरेंस, ट्रेवल-टूरिज्म, एनर्जी, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक, प्रीशियस मेटल, हॉस्पिटेलिटी आदि में उदयपुर से निकले विद्यार्थी नए आयाम रच रहे हैं।
यहां प्लेसमेंट
देश में : गोदरेज, हिन्दुस्तान, कोका-कोला, रेमण्ड, यूनियन बैंक, एनटीपीसी , एचपीसीएल, आरएसएमएम, बजाज ऑटो, मेप्रो, विप्रो, मदर डेयरी, वेदान्ता, क्वीकर, आईसीआईसीआई, यस बैंक, डालमिया सीमेंट, टीवीएस ग्रुप, वेनिला, मैक्स लाइफ, टाटा पावर, एचडीएफसी बैंक व अन्य कई ख्यात कंपनियों में अपना नाम पहुंचा चुके है।
विदेश : ब्रिटेन, यूएई, कतर, मलेशिया, अफ्रीका सहित कई यूरोप व एशिया के देशों तक अपनी दस्तक दे चुके हैं।
हम अन्य मैनेजमेंट संस्थानों से बेहतर स्थिति में आगे बढ़ रहे हैं। कई संस्थानों को यहां तक पहुंचने में करीब 40 साल लग गए, हम चंद वर्षों में पहुंचे हैं। बड़े और अच्छे पैकेज मिलने शुरू हुए हैं। रिसर्च और अच्छी क्वालिटी से पढ़े विद्यार्थी जैसे-जैसे पूरी दुनिया में हमारा नाम करेंगे, आने वाले बैच की स्थिति और बेहतर होती जाएगी। हम 57 विद्यार्थियों से शुरू होकर 240 तक पहुंचे हैं। अमूमन इतनी जल्दी यहां पहुंचना मुश्किल है।
प्रो. जनत शाह, निदेशक, आईआईएम-उदयपुर
बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे विद्यार्थी
संस्थान से लगातार प्लेसमेंट बेहतर स्थानों पर हो रहे है। अच्छे पैकेज के साथ होने वाले प्लेसमेंट से विद्यार्थी बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
शब्बीर हुसैन, मैनेजर कॉरपोरेट रिलेशन, आईआईएम, उदयपुर