राजधानी में संभाग के तीनों विश्वविद्यालयों के कुलपति को नसीहत दी गई , विश्वविद्यालय को भ्रष्टाचार का अड्डा नहीं बनाएं
उदयपुर . राजधानी में संभाग के तीनों विश्वविद्यालयों के कुलपति को नसीहत दी गई कि वे विश्वविद्यालय को भ्रष्टाचार का अड्डा नहीं बनाएं। वर्तमान में युवाओं को रोजगार की राह दिखानी जरूरी है। जनजाति क्षेत्र में तो इसके लिए कार्य की खूब आवश्यकता है। राजभवन में करीब दो घंटे चली बैठक में राज्यपाल कल्याण सिंह ने युवाओं के साथ-साथ विवि की ओर से गोद लिए गए गांवों के विकास को लेकर भी चर्चा की। उदयपुर संभागीय आयुक्त भवानीसिंह देथा, सुखाडिय़ा विवि कुलपति जेपी शर्मा, कृषि विवि कुलपति उमाशंकर शर्मा और गोविन्दगुरु जनजाति विवि बांसवाड़ा के कुलपति कैलाश सोड़ानी भी इसमें शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि सुखाडिय़ा विवि में एलडीसी भर्ती सहित विभिन्न सहायक प्रोफेसरों की भर्ती में गड़बड़ी की गूंज जयपुर तक रही, जिसकी जांच जारी है।
कौशल विकास जरूरी
राज्यपाल सिंह ने सभी से कहा कि वे जनजाति अंचल में कौशल विकास को लेकर कार्य करें। युवाओं को उस क्षेत्र में ही रोजगार उपलब्ध हो सके, ताकि वहां से युवा बाहर नौकरी की तलाश नहीं करें या बाहरी क्षेत्र के लोगों को यदि वहां रोजगार मिलता है तो वहां से वे छोडकऱ नहीं जाएं।
स्मार्ट विलेज पर करें फोकस
तीनों कुलपतियों को स्मार्ट विलेज को डवलप करने की योजना तैयार कर इसे पूरी तरह से लागू करने के निर्देश दिए गए। मौहन लाल सुखाडिय़ा विवि के कुलपति जेपी शर्मा ने बताया कि स्थानीय युवाओं को जनजाति अंचल में ही बेहतर रोजगार उपलब्ध करवाने से लेकर स्मार्ट विलेज पर फोकस किया जाना है। कृषि विवि के कुलपति उमाशंकर शर्मा ने बताया कि आठ जिलों में हर स्थिति की बेहतरी पर चर्चा हुई। विवि को स्मार्ट विलेज को पूरी तरह से बेहतर करने और वहां रोजगार उलब्ध करवाने पर बात हुई।