उदयपुर

ट्रंप का फैसला तय करेगा राजस्थान के 3000 करोड़ के उद्योग का भविष्य, युद्ध के चलते हजारों परिवारों पर संकट

दोहरी मार से जूझ रही राजस्थान की क्वार्ट्ज इंडस्ट्री पर संकट गहरा गया है। एक ओर बढ़ते शिपिंग चार्ज लागत बढ़ा रहे हैं। वहीं, ट्रंप के संभावित सख्त टैरिफ फैसलों की आशंका से तीन हजार करोड़ के कारोबार पर ताले लगने की नौबत आ गई है।
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Updated: 22 Apr 2026, 2:17 PM IST
quartz industry crisis
Rajasthan Quartz Industry Crisis (Patrika Photo)

उदयपुर: अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध के कारण राजस्थान की तीन हजार करोड़ की क्वार्ट्ज इंडस्ट्री कठिन दौर में है। उत्पादन 40 फीसदी तक घट गया। इस संकट के बीच एक बड़ा संकट और आने वाला है, जिसका फैसला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ में है।

अमेरिका घरेलू निर्माताओं के समूह क्वार्ट्ज मैन्यूफैक्चरिंग एलायंस ऑफ अमेरिका ने क्वार्ट्ज इंडस्ट्री पर सेफगॉर्ड ड्यूटी लगाने की मांग की है। इसकी फाइल ट्रंप के पास भेजी जानी है। अगर यह ड्यूटी लागू हो जाती है तो इस इंडस्ट्री पर 50 से 60 फीसदी टैरिफ लगेगा।

इसको लेकर भारतीय क्वार्ट्ज उद्योग महासंघ अपना पक्ष रख चुका है। भारतीय निर्यातकों का मानना है कि ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी के चलते यह ड्यूटी लागू होना लगभग तय है। कुल उत्पादन का 80 फीसदी से ज्यादा उत्पाद अमेरिका भेजे जाते हैं।

Quartz क्या होता है? जानिए इसकी डिमांड इतनी ज्यादा क्यों है

क्वार्ट्ज को स्फटिक या बिल्लौर भी कहते हैं। यह सख्त होता है, जो कांच को खरोंच सकता है। इसका उपयोग घड़ियों में समय को सटीक रखने के लिए किया जाता है। रेडियो, कंप्यूटर और मोबाइल फोन के सर्किट में भी इसका उपयोग होता है।

एक्सपर्ट्स बोले: ट्रंप टैरिफ से इंडस्ट्री पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

टैरिफ के हटने के बाद अभी 10 फीसदी टैरिफ, 3.67 फीसदी एंटी डंपिंग ड्यूटी दे रहे हैं। लेकिन अगर अमेरिका फिर से 50 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा तो स्थिति सिर्फ इंडस्ट्री को बंद करने पर आ सकती है।
-सुनील लूणावत, कोषाध्यक्ष, क्वार्ट्ज इंडस्ट्री एसोसिएशन

राजस्थान की क्वार्ट्ज इंडस्ट्री कितनी बड़ी है? जानिए आंकड़ों में

  • भारत में 70 यूनिट्स और 8000 करोड़ का निर्यात
  • राजस्थान में 25 यूनिट और 3000 करोड़ का निर्यात
  • मेवाड़ में 9 यूनिट्स और 1200 करोड़ का निर्यात

क्वार्ट्ज इंडस्ट्री से कितने लोगों को मिलता है रोजगार

क्वार्ट्ज इंडस्ट्री राजस्थान में 8 हजार और मेवाड़ में 3 हजार लोगों को रोजगार दे रही है। माइनिंग, प्लांट, ट्रांसपोर्टेशन आदि को मिलाकर मेवाड़ में 4 से 5 हजार लोग इस उद्योग से आजीविका चलाते हैं। आठ महीने पहले अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ लगाने के कारण इसकी कमर पहले ही टूट चुकी है।

भारत से क्वार्ट्ज कहां-कहां होता है निर्यात?

  • अमेरिका में निर्यात 80 प्रतिशत
  • भारत में खपत 11 प्रतिशत
  • अन्य देशों में निर्यात 9 प्रतिशत
  • अभी है टैरिफ 10 प्रतिशत
  • एंटी डंपिंग 3.67 प्रतिशत

Quartz Tariff Case: सितंबर 2025 से अब तक क्या-क्या हुआ

  • 01 सितंबर 2025: क्यूएमएमए ने ग्लोबल सेफगार्ड ड्यूटी लगाने की याचिका दायर की।
  • 24 फरवरी 2026: यूएसआइटीसी ने सुनवाई की
  • 01 अप्रैल 2026: यूएसआईटीसी ने माना, आयात से अमेरिकी उद्योग को नुकसान।
  • 07 अप्रैल 2026: भारतीय क्वार्ट्ज उद्योग महासंघ ने अपना पक्ष रखा।
  • 14 अप्रैल 2026: निवारक सुनवाई हुई, जिसमें प्रस्तावित टैरिफ पर चर्चा हुई।
  • 18 मई 2026: यूएसआईटीसी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें अमेरिकी राष्ट्रपति को सौंपेगा।
  • 01 जुलाई 2026 (संभावित): राष्ट्रपति अपना अंतिम फैसला सुनाएंगे।

वैश्विक संकट के कारण रेजिन केमिकल के दाम दोगुने हो गए, जो पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री से आता है। शिपिंग चार्ज 1.21 लाख से बढ़कर 2.79 लाख प्रति कंटेनर हो गया, जिससे उत्पादन लागत तीन गुना हो गई। अमेरिका की निर्भरता कम करने के लिए पिछले सालों में दूसरे देशों के बाजार खोजे गए, लेकिन फायदा नहीं हुआ।
-मुकेश काबरा, उद्यमी

Updated on:
22 Apr 2026, 2:17 PM IST
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