Rail Traffic : उदयपुर शहर का रेल यात्रियों को जल्द ही बड़ी सुविधा मिलेगी। उमरड़ा से देबारी तक करीब 25 किमी रेल लाइन के दोहरीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई।
Rail Traffic : उदयपुर शहर के आस-पास रेल यातायात को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उमरड़ा से देबारी तक करीब 25 किमी रेल लाइन के दोहरीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई। सर्वे पूर्ण होने के बाद रेलवे इंजीनियरों ने गिर्वा एसडीएम को भूमि अवाप्ति के प्रस्ताव सौंप दिए। भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया पूरी होते ही कार्य शुरू होने की संभावना है।
इस रेलखंड में केवल उन स्थानों पर भूमि अवाप्ति की जाएगी जहां ट्रैक में कर्व हैं या आस-पास बस्तियां विकसित हो चुकी हैं। ऐसे में सीमित भूमि अवाप्ति होने से प्रक्रिया तेजी से पूरी होने की संभावना है। इसके बाद टेंडर जारी कर कार्यादेश दिए जाएंगे।
रेलवे विभाग के अनुसार, उमरड़ा-देबारी रेलखंड के दोहरीकरण का कार्य शुरू होने के बाद इसे लगभग तीन वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके पूरा होने से क्षेत्र में रेल यातायात अधिक सुगम और तेज हो सकेगा।
रेल मंत्रालय ने इस परियोजना को दिसंबर 2025 में स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद सर्वे कार्य पूरा किया। स्वीकृति मिलते ही रेल अधिकारियों ने भूमि अवाप्ति के लिए प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिए। सूत्रों के अनुसार, आगामी 5 से 6 महीनों में दोहरीकरण का कार्य शुरू हो सकता है। यह परियोजना 467 करोड़ रुपए की लागत से पूरी की जाएगी।
परियोजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण कार्य देबारी घाटा स्थित माता मंदिर के पास किया जाएगा। यहां मौजूदा टनल के समानांतर करीब 550 मीटर लंबी नई टनल का निर्माण होगा, जो इस दोहरीकरण परियोजना का प्रमुख हिस्सा रहेगा।
वहीं दूसरी तरफ बड़ी सादड़ी से नीमच तक 45 किमी लंबे रेल ट्रैक के निर्माण के बाद उदयपुर से नीमच का सफर पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। वर्तमान में परियोजना का 60 से 65 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार, इस परियोजना की शुरुआत जनवरी 2024 में हुई। करीब 495 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है।
इसमें 15 किमी और 30 किमी के ट्रैक का निर्माण कार्य एक साथ प्रगति पर है। यह काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। परियोजना के तहत एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा। इसके अलावा 11 बड़े पुल और 78 छोटे पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है, जो विभिन्न नदी-नालों पर बनाए जाएंगे।